सोलन नगर निगम की मेयर बोलीं— शिक्षा, सामाजिक और आर्थिक विकास में डॉ. परमार का योगदान हमेशा रहेगा प्रेरणास्रोत
हिमाचल प्रदेश के निर्माता एवं प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. परमार की 118वीं जयंती के अवसर पर नगर निगम सोलन की मेयर सुषमा शर्मा ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि डॉ. परमार ने हिमाचल प्रदेश के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव रखी और शिक्षा, सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक क्षेत्रों में उनके योगदान को सदैव याद किया जाएगा।
मेयर सुषमा शर्मा ने कहा कि डॉ. वाई.एस. परमार केवल हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि प्रदेश के वास्तविक निर्माता के रूप में भी हमेशा स्मरण किए जाएंगे। उन्होंने अपने नेतृत्व में शिक्षा को प्राथमिकता दी और समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए दूरदर्शी नीतियां लागू कीं, जिनका लाभ आज भी प्रदेश को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय के जनप्रतिनिधियों और नेताओं को डॉ. परमार के जीवन, कार्यशैली और विकास दृष्टि से प्रेरणा लेनी चाहिए। जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ईमानदारी, पारदर्शिता और दूरदृष्टि के साथ कार्य करने से ही प्रदेश का समग्र विकास संभव है।
उन्होंने कहा कि जिस सम्मान और श्रद्धा के साथ आज डॉ. परमार को याद किया जाता है, उसी प्रकार वर्तमान नेतृत्व को भी अपने कार्यों के माध्यम से जनता के बीच स्थायी पहचान बनानी चाहिए।
मेयर ने विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. परमार के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं, महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए उनके प्रयास आज भी प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए डॉ. परमार के आदर्शों और विकास की सोच को आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
अंत में मेयर सुषमा शर्मा ने डॉ. वाई.एस. परमार को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेशवासियों को उनकी 118वीं जयंती की शुभकामनाएं दीं और हिमाचल के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान को सदैव स्मरण रखने का आह्वान किया।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube