मातृ एवं शिशु अस्पताल पर श्रेय की राजनीति का लगाया आरोप, कहा- विकास कार्य किसी एक व्यक्ति की देन नहीं
नूरपुर के पूर्व विधायक अजय महाजन ने मातृ एवं शिशु अस्पताल के मुद्दे पर पूर्व मंत्री राकेश पठानिया पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री को मगरमच्छ के आंसू बहाना बंद कर जनता को गुमराह करने की राजनीति से परहेज करना चाहिए।
महाजन ने कहा कि अस्पताल के लिए किए गए प्रयासों का वे सम्मान करते हैं, लेकिन पिछले दस वर्षों से केवल इसी परियोजना का राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सामूहिक प्रयासों का परिणाम है और इसका श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता।
महाजन ने कहा कि मातृ एवं शिशु अस्पताल का शिलान्यास उस समय हुआ था जब प्रदेश में स्वर्गीय वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री, कौल सिंह ठाकुर स्वास्थ्य मंत्री और वे स्वयं नूरपुर के विधायक थे।
वहीं केंद्र में जगत प्रकाश नड्डा स्वास्थ्य मंत्री थे। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से यह परियोजना आगे बढ़ी थी, इसलिए किसी एक नेता द्वारा इसका पूरा श्रेय लेने का दावा करना उचित नहीं है। उन्होंने पूर्व मंत्री को सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा के प्रयोग की सलाह देते हुए कहा कि व्यक्तिगत टिप्पणियां लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिलान्यास और उद्घाटन की राजनीति अधिक हुई, जबकि कई परियोजनाएं आज भी अधूरी पड़ी हैं। उन्होंने जसूर बस स्टैंड का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़े-बड़े नेताओं द्वारा घोषणाएं की गईं, लेकिन परियोजना आज तक पूरी नहीं हो सकी।
महाजन ने कहा कि वे पिछले दस वर्षों से न विधायक हैं और न ही किसी सरकार का हिस्सा, इसके बावजूद नूरपुर क्षेत्र की अधूरी विकास योजनाओं को पूरा करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी रुकी हुई योजनाओं को आगे बढ़ाने की पहल होती है, तब पूर्व मंत्री अनावश्यक बयानबाजी शुरू कर देते हैं ताकि विकास कार्यों का श्रेय किसी और को न मिल सके।
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