नाहन शहर के व्यापारियों ने चौगान मैदान में लगातार आयोजित हो रहे मेलों और व्यावसायिक आयोजनों का विरोध करते हुए उपायुक्त सिरमौर को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों का कहना है कि बार-बार लगने वाले मेलों के कारण ऐतिहासिक चौगान मैदान की स्थिति खराब हो रही है और इसका सीधा असर स्थानीय व्यापार पर भी पड़ रहा है।
व्यापारियों ने मांग की कि चौगान मैदान का उपयोग उसकी मूल पहचान के अनुरूप खेल, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय आयोजनों तक सीमित रखा जाए। उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था से न केवल मैदान को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और खिलाड़ियों के हित भी प्रभावित हो रहे हैं।
'पैसा कमाने का जरिया बन गया चौगान मैदान'
मीडिया से बातचीत में व्यापारी देवेंद्र अग्रवाल ने आरोप लगाया कि विभिन्न संस्थाएं धन जुटाने के नाम पर चौगान मैदान किराये पर लेकर उसे ठेकेदारों के माध्यम से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने कहा कि भारी-भरकम झूले और अस्थायी ढांचों के कारण मैदान की हालत लगातार बिगड़ रही है।
उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारियों द्वारा मेले में व्यापार करने से स्थानीय दुकानदारों के कारोबार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही मैदान में नियमित अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को भी पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा है।
देवेंद्र अग्रवाल ने कहा कि पहले चौगान मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं तथा 26 जनवरी और 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्वों के आयोजन होते थे, लेकिन अब इसका उपयोग व्यावसायिक आयोजनों के लिए अधिक होने लगा है।
उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक नाहन चौगान केवल एक मैदान नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक विरासत, खेल संस्कृति और नागरिकों की भावनाओं से जुड़ी अमूल्य धरोहर है। व्यापारियों ने प्रशासन से चौगान मैदान के संरक्षण और इसके उपयोग को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है।
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