एडवांस सिलाई एवं टेलरिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन, उपायुक्त जतिन लाल ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए किया प्रेरित
महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ऊना जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में आयोजित एडवांस सिलाई एवं टेलरिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन किया गया।
इस अवसर पर प्रशिक्षण पूरा करने वाली 30 महिलाओं को आधुनिक सिलाई मशीनें वितरित की गईं, ताकि वे अपना स्वरोजगार शुरू कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
कार्यक्रम में उपायुक्त ऊना जतिन लाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनकी धर्मपत्नी रेनू सहरावत ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लेते हुए प्रशिक्षणार्थियों को सिलाई मशीनें प्रदान कीं।
उपायुक्त ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना समाज के समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं और देश व प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं से अपील की कि वे सीखे गए कौशल का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनें और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनें।
आधुनिक उपकरणों से मिलेगा रोजगार का अवसर
उपायुक्त ने कहा कि केवल प्रशिक्षण देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाना भी जरूरी है।
आधुनिक सिलाई मशीनें मिलने से महिलाएं अपने कौशल का बेहतर उपयोग कर घर से ही स्वरोजगार शुरू कर सकती हैं और अपनी आय बढ़ा सकती हैं।
एक सप्ताह तक दिया गया एडवांस प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 'स्टिचिंग एंड टेलरिंग ट्रेनिंग एंड कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम' के तहत आयोजित किया गया था।
एक सप्ताह तक चले इस प्रशिक्षण में महिलाओं को:
से जुड़ी जानकारी दी गई।
कई संस्थाओं के सहयोग से हुआ आयोजन
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), हिमाचल प्रदेश सरकार, एचपीसीईडी, चितकारा एजुकेशन ट्रस्ट और सिंगर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम में उद्योग विभाग के अधिकारी, प्रशिक्षण से जुड़े प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
महिलाओं ने जताई आत्मनिर्भर बनने की उम्मीद
आयोजकों ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण और आधुनिक मशीनों की सहायता से महिलाएं अपने हुनर को रोजगार में बदल सकेंगी।
यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी, बल्कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube