भोरंज के लूद्र गांव में दूसरी बेटी के स्वागत का खास अंदाज, पिता जोगेंद्र कुमार ने दिया बेटियों के सम्मान का संदेश
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के उपमंडल भोरंज के लूद्र गांव में एक परिवार ने बेटी के जन्म को खास अंदाज में मनाकर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।
परिवार में दूसरी बेटी के जन्म की खुशी में पिता जोगेंद्र कुमार ने नवजात बच्ची को अस्पताल से घर लाने के लिए कार को फूलों से सजाया और पूरे सम्मान के साथ अपनी नन्हीं बेटी का स्वागत किया।
फूलों से सजी कार में बेटी का हुआ स्वागत
29 जुलाई को हमीरपुर के एक निजी अस्पताल में जोगेंद्र कुमार के घर बेटी का जन्म हुआ। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद परिवार ने बच्ची के स्वागत के लिए विशेष तैयारी की।
फूलों से सजी कार में नवजात बेटी को घर लाया गया। इस दौरान परिवार की खुशी देखने लायक थी। मौके पर मौजूद लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और परिवार की सोच को प्रेरणादायक बताया।
'मेरी दोनों बेटियां लक्ष्मी का स्वरूप हैं'
बेटी के पिता जोगेंद्र कुमार ने कहा कि उनके घर पहले से सात साल की एक बेटी है और अब दूसरी बेटी का आगमन हुआ है।
उन्होंने कहा कि उनके लिए दोनों बेटियां लक्ष्मी का स्वरूप हैं और बेटी-बेटे में किसी तरह का अंतर नहीं होना चाहिए।
जोगेंद्र कुमार ने कहा कि हर माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों को समान प्यार, शिक्षा और बेहतर परवरिश दें।
उन्होंने कहा, "29 जुलाई को मेरी बेटी का जन्म हुआ था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद हमने उसे घर लाने के लिए गाड़ी को सजाया। यह हमारे परिवार के लिए बहुत खुशी का पल है। मेरी पहली बेटी सात साल की है और अब दूसरी बेटी भी हमारे घर आई है। दोनों हमारे लिए लक्ष्मी का रूप हैं।"
आज भी समाज के कई हिस्सों में बेटियों को लेकर भेदभाव की खबरें सामने आती हैं। ऐसे समय में भोरंज के इस परिवार ने बेटी के जन्म को उत्सव बनाकर एक सकारात्मक संदेश दिया है।
परिवार ने यह संदेश दिया कि बेटियां बोझ नहीं बल्कि परिवार की ताकत होती हैं और उन्हें भी बेटों के समान अवसर, प्यार और सम्मान मिलना चाहिए।
जोगेंद्र कुमार की इस पहल को क्षेत्र के लोगों ने खूब सराहा है। लोगों का कहना है कि बेटियों के प्रति समाज की सोच बदलने के लिए ऐसे प्रयास बेहद जरूरी हैं।
भोरंज के लूद्र गांव की यह पहल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और इसे बेटियों के सम्मान व समानता की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।
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