मैकलोडगंज, धर्मकोट, पालमपुर और बीड़ में बढ़ी पर्यटकों की आवाजाही, नदी-नालों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से बचने की अपील
हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी में मानसून के बीच भी पर्यटन गतिविधियां जारी हैं। बारिश के मौसम में प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक मैकलोडगंज, धर्मकोट, पालमपुर और बीड़ जैसे पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं।
हालांकि मानसून के दौरान भूस्खलन, अचानक जलस्तर बढ़ने और खराब मौसम की संभावनाओं को देखते हुए जिला पर्यटन विभाग ने पर्यटकों से सतर्क रहने की अपील की है।
पर्यटन स्थलों पर बनी हुई है अच्छी आवाजाही
जिला पर्यटन अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि मानसून सीजन में भी कांगड़ा घाटी के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की अच्छी संख्या देखने को मिल रही है।
उन्होंने कहा कि जून महीने की तुलना में पर्यटकों की संख्या कम जरूर है, लेकिन पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार मानसून के दौरान बेहतर फुटफॉल दर्ज किया जा रहा है।
नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों से बचने की अपील
पर्यटन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें।
विनय धीमान ने कहा कि यदि किसी स्थान पर जाना जरूरी हो तो पहले मौसम की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी की जानकारी जरूर लें।
उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर पर्यटक अपनी यात्रा को सुरक्षित और यादगार बना सकते हैं।
पर्यावरण संरक्षण पर भी दिया जोर
जिला पर्यटन अधिकारी ने पर्यटकों से प्राकृतिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील भी की।
उन्होंने कहा कि पर्यटक पर्यटन स्थलों पर कचरा न फैलाएं और प्लास्टिक समेत अन्य अपशिष्ट को अपने साथ वापस लेकर जाएं।
इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हिमालयी क्षेत्रों के जल स्रोतों और प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित रखा जा सकेगा।
होटल संचालकों को भी दिए गए निर्देश
विनय धीमान ने बताया कि मानसून को लेकर सरकार द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देश होटलियर एसोसिएशनों के माध्यम से होटल संचालकों तक पहुंचा दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जल्द ही होटल संचालकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें मौसम संबंधी सावधानियों की जानकारी देने पर चर्चा होगी।
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