कांगड़ा, सिरमौर, ऊना, मंडी समेत कई जिलों में तेज बारिश की संभावना, आईएमडी ने भूस्खलन और फ्लैश फ्लड को लेकर किया सतर्क
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के शिमला केंद्र ने प्रदेश में 1 से 7 अगस्त तक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि के दौरान प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। भारी बारिश को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और जलभराव का खतरा जताया गया है।
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार कांगड़ा, सिरमौर, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, मंडी और शिमला जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
वहीं 3 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और चंबा समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में सामान्य बारिश का अनुमान है। हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी।
भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा
मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
बारिश के कारण:
जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के आसपास जाने से बचने और मौसम विभाग के अलर्ट का पालन करने की अपील की है।
वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने बारिश के दौरान फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी से सफर करने की सलाह दी है।
लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
तापमान में बदलाव की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है।
अधिकतम तापमान में शुरुआती 48 घंटों में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि इसके बाद 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है।
पिछले 24 घंटे में कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
इस दौरान भरमौर में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस जबकि पांवटा साहिब में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
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