ऊना I
हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के हरोली उपमंडल स्थित पंडोगा के एक निजी कॉलेज में हुई रैगिंग की वारदात में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले का मुख्य आरोपी अमन कुमार, जो वारदात के बाद चंडीगढ़ फरार हो गया था, अब पुलिस की गिरफ्त में है। इस मामले में सबसे खास बात यह रही कि आरोपी के पिता ने ही उसे पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए राजी किया।
हरोली पुलिस की टीमें आरोपी की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही थीं। मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी की मौजूदगी मोहाली और चंडीगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में पाई गई थी।
जब पुलिस चंडीगढ़ पहुँची और आरोपी के पिता विनोद कुमार (जो चंडीगढ़ में ही नौकरी करते हैं) को पूरे मामले की जानकारी दी, तो उन्होंने कानून का साथ देने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने बेटे अमन को पुलिस के समक्ष पेश कर दिया।
यह मामला पंडोगा स्थित केसी कॉलेज का है, जहाँ होटल मैनेजमेंट के दूसरे वर्ष के एक छात्र ने सीनियर छात्र अमन कुमार (निवासी अजोगर खास, जिला कांगड़ा) पर रैगिंग और बेरहमी से पिटाई करने के आरोप लगाए थे। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने अमन को तुरंत प्रभाव से निष्कासित कर दिया था। कॉलेज प्रबंधन ने आंतरिक जांच के लिए एक विशेष कमेटी का भी गठन किया है।
एसपी ऊना सचिन हिरेमठ ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम आरोपी को लेकर ऊना लौट रही है। उन्होंने कहा आरोपी को जल्द ही कोर्ट में पेश कर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। छात्र की सुरक्षा और अनुशासन के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
समाज और पुलिस हलकों में आरोपी के पिता विनोद कुमार के कदम की सराहना हो रही है। उन्होंने एक जिम्मेदार नागरिक का परिचय देते हुए न केवल जांच में सहयोग किया, बल्कि अपने बेटे को गलत रास्ते पर जाने से रोककर कानून के हवाले किया।