शिमला I
हिमाचल प्रदेश के बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। नेगी ने इस बिल को 'नारी शक्ति वंदना' के बजाय 'बीजेपी शक्ति वंदना' बिल करार देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं के कल्याण की आड़ में केवल अपना राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध करना चाहती है।
जगत सिंह नेगी ने सवाल उठाया कि जब यह बिल 2023 में ही विपक्षी दलों के समर्थन से सर्वसम्मति से पास हो गया था, तो इसे अभी तक लागू (Notify) क्यों नहीं किया गया? उन्होंने कहा भाजपा 3 साल तक चुप बैठी रही और अब चुनाव के समय विशेष सत्र बुलाकर संशोधन का नाटक कर रही है।
प्रधानमंत्री रात के समय देश को संबोधित कर चुनावी सभाओं की तरह बयान दे रहे हैं, जो सीधे तौर पर आचार संहिता का उल्लंघन है। चुनाव आयोग को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।
नेगी ने आरोप लगाया कि भाजपा परिसीमन के बहाने सीटों की संख्या 850 तक बढ़ाकर एक बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रच रही है, ताकि अपनी मर्जी से जीत हासिल कर सके। उन्होंने कहा कि यदि इतनी अधिक सीटें हुईं तो सांसदों को अपने क्षेत्र के मुद्दे उठाने का मौका नहीं मिलेगा।
सांसद कंगना रनौत के बयानों पर पलटवार करते हुए नेगी ने कहा कि जो लोग आज महिला हितों की दुहाई दे रहे हैं, वे मणिपुर हिंसा के समय कहां थे? उन्होंने सवाल किया कि जब मणिपुर में महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ, तब इन महिला सांसदों का कोई बयान क्यों नहीं आया।
मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों के वेतन 6 महीने के लिए टालने (Defer) के फैसले पर नेगी ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय प्रदेश में विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए लिया गया है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर द्वारा दी गई खर्च कम करने की नसीहत पर उन्होंने कहा नेता प्रतिपक्ष को खुद मिल रही सरकारी सुविधाओं को छोड़ना चाहिए, उसके बाद ही दूसरों को उपदेश देना शोभा देता है।
मंत्री ने घोषणा की कि कोविड के कारण बंद हुआ शिपकी ला दर्रा 1 जून से व्यापार के लिए दोबारा खोल दिया जाएगा। इससे दोनों तरफ के स्थानीय व्यापारियों को लाभ होगा।चेस्टर हिल मामला में उन्होंने कहा कि इस मामले में उपायुक्त (DC) जांच कर रहे हैं। यदि धारा 118 का उल्लंघन पाया गया, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।