हमीरपुर I
हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (HPTU), हमीरपुर ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 76.07 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी वार्षिक बजट पारित किया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस बजट को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि यह प्रदेश में तकनीकी शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में एक नई दिशा निर्धारित करेगा।
कुलपति एवं तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. अभिषेक जैन की अध्यक्षता में आयोजित वित्त समिति की बैठक में इस बजट को स्वीकृति दी गई, जिसे बाद में विश्वविद्यालय के शासी मंडल (BOD) ने भी अनुमोदित कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। बजट के मुख्य प्रावधान हैं विश्वविद्यालय जल्द ही अपने परिसर और संबद्ध संस्थानों में पीएच.डी.
कार्यक्रम शुरू करेगा। शोध को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक गाइड को शोधार्थी का कार्य पूर्ण होने पर 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। पहली बार शोध एवं नवाचार के लिए विशेष बजट रखा गया है।
आधुनिक प्रयोगशालाओं और उपकरणों के लिए 3 करोड़ रुपये तथा ई-बुक्स और शोध पत्रिकाओं के लिए 1 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। विद्यार्थियों को 'जॉब सीकर' के बजाय 'जॉब क्रिएटर' बनाने के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम हेतु 2 करोड़ रुपये और औद्योगिक प्रशिक्षण के लिए 1 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण बढ़ौतरी की गई है। खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों का बजट 25 लाख से बढ़ाकर 55 लाख रुपये कर दिया गया है। छात्र क्लब, कैंपस प्लेसमेंट, सॉफ्ट स्किल विकास और लैंगिक संवेदनशीलता कार्यक्रमों के लिए कुल 70 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।
विश्वविद्यालय अब अकादमिक, उद्योग और समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को मानद पीएच.डी. (Honorary PhD) की उपाधि से भी सम्मानित करेगा।
यह बजट तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता का संतुलित समावेश है। हमारा फोकस औद्योगिक अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान पर है ताकि हमारे युवा आत्मनिर्भर बन सकें। — ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री