अब गांव-गांव और घर-घर जाकर होगी टीबी स्क्रीनिंग, बुजुर्गों, दिव्यांगों और दूरदराज के लोगों को मिलेगा समय पर जांच का लाभ।
देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में स्वास्थ्य विभाग लगातार नई तकनीक का उपयोग कर रहा है। इसी कड़ी में जिला ऊना स्वास्थ्य विभाग को छह अत्याधुनिक हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं।
इन मशीनों की मदद से अब टीबी की जांच केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें सीधे गांवों और लोगों के घरों तक पहुंचकर संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग कर सकेंगी।
इस पहल से विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को काफी लाभ मिलेगा, जो कई बार अस्पताल तक पहुंचने में असमर्थ होते हैं।
छह स्वास्थ्य खंडों में तैनात होंगी मशीनें
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को गति देने के लिए मिली इन छह हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों को जिले के सभी छह स्वास्थ्य खंडों में तैनात किया जाएगा।
इसके अलावा क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के आसपास के क्षेत्रों में भी इनका उपयोग टीबी स्क्रीनिंग के लिए किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीमें मशीनों के साथ घर-घर जाकर लोगों की जांच करेंगी, जिससे टीबी के मामलों की पहचान शुरुआती चरण में ही की जा सकेगी।
मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा और जिला कार्यक्रम अधिकारी (टीबी) डॉ. विशाल ठाकुर ने मशीनों का निरीक्षण किया। उन्होंने इनके संचालन, तकनीकी विशेषताओं और उपयोगिता की जानकारी ली।
दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा फायदा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा ने कहा कि इन मशीनों के आने से टीबी स्क्रीनिंग अभियान को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि अब स्वास्थ्य विभाग उन लोगों तक भी पहुंच सकेगा, जो वृद्धावस्था, दिव्यांगता, आर्थिक परेशानी या भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अस्पताल नहीं पहुंच पाते।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से छिपे हुए टीबी मामलों की पहचान आसान होगी और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करवाया जा सकेगा।
पहले दो मशीनों से चल रहा था अभियान
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विशाल ठाकुर ने बताया कि इससे पहले विभाग के पास केवल दो हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध थीं, जिसके कारण सीमित संख्या में टीमें ही फील्ड में जा पाती थीं।
अब छह नई मशीनें मिलने से स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो गए हैं। आने वाले दिनों में विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाकर गांवों और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की जांच की जाएगी।
लक्षण दिखें तो तुरंत करवाएं जांच
डॉ. विशाल ठाकुर ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना या रात में पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें।
उन्होंने कहा कि टीबी की समय पर पहचान और उपचार ही इस बीमारी को खत्म करने की सबसे प्रभावी रणनीति है।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube