शिमला
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति की स्पीति घाटी के लोसर गांव के होनहार खिलाड़ी तंजीन टशी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। एशिया कप आइस हॉकी प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए टशी ने चीन के खिलाफ शानदार खेल दिखाया, जिसके लिए उन्हें “मैन ऑफ द मैच” के खिताब से नवाजा गया।
मुख्यमंत्री ने थपथपाई पीठ, दिया प्रोत्साहन
तंजीन टशी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और जनजातीय विकास मंत्री से करवाई। मुख्यमंत्री ने टशी के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और राज्य सरकार की ओर से ₹2 लाख की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।
लाहौल-स्पीति में खेल सुविधाओं का होगा कायाकल्प
विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि टशी की सफलता जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से काजा में ₹75 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक आइस हॉकी स्टेडियम और ₹8 करोड़ की लागत से क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी।
सफलता के पीछे का संघर्ष और सहयोग
तंजीन टशी के पिता, तंजीन छोपेल ने मुख्यमंत्री और विधायक का आभार व्यक्त करते हुए इस सम्मान को जनजातीय प्रतिभाओं की जीत बताया। उन्होंने विशेष रूप से मुख्य कोच अमित बेलवाल, लाहौल-स्पीति आइस हॉकी एसोसिएशन और शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक जीवन सिंह नेगी (रोपा वैली निवासी) के योगदान को सराहा,
जिन्होंने 2019 में आइस हॉकी को बढ़ावा देने की मुहिम शुरू की थी। इस गौरवपूर्ण अवसर पर हिमाचल आइस हॉकी एसोसिएशन के महासचिव रजत मल्होत्रा और कोच अमित बेलवाल भी उपस्थित रहे। टशी की इस उपलब्धि से पूरे स्पीति घाटी में खुशी की लहर है।