शिमला
हिमाचल प्रदेश में मई के महीने में भी लोगों को गर्मी से राहत मिली हुई है, लेकिन बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि किसानों-बागवानों के लिए आफत बन गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, प्रदेश में 11 से 13 मई तक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण एक बार फिर झमाझम बारिश होने की संभावना है।
आठ जिलों में आज बारिश का अलर्ट
शुक्रवार को राजधानी शिमला सहित मध्य और उच्च पर्वतीय आठ जिलों—किन्नौर, लाहौल-स्पीति, शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा के कुछ क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। हालांकि, मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में मौसम साफ रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार 9 और 10 मई को पूरे प्रदेश में धूप खिलेगी, जिसके बाद 11 मई से मौसम फिर करवट बदलेगा।
कुल्लू जिले के बंजार उपमंडल की चार पंचायतों—शरची, पेखड़ी, नौहांडा और तूंग में बुधवार शाम को हुई भारी ओलावृष्टि ने तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक मार से सेब, प्लम, नाशपाती, खुमानी और आड़ू की फसल को व्यापक नुकसान पहुँचा है।
हालत यह रही कि ओलों के भार से सुरक्षा के लिए लगाए गए 'हेलनेट' तक झुक गए। फलों के अलावा गेहूं, जौ और सब्जियों की फसलें भी इसकी चपेट में आई हैं।
मई में भी 'ठंडा' रहा हिमाचल
हैरानी की बात यह है कि मई के दूसरे सप्ताह में भी प्रदेश का अधिकतम तापमान सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस नीचे चल रहा है। वीरवार को मैदानी इलाकों में धूप खिलने के बावजूद हवाओं में ठंडक बनी रही।प्रशासन ने बागवानों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान ऊँचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।