धर्मशाला I
धर्मशाला नगर निगम चुनावों को लेकर भाजपा ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। वीरवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने उम्मीदवारों की सूची और पार्टी के विजन को जनता के सामने रखा। इस दौरान उन्होंने जहां नगर निगम में भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए, वहीं प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर भी कड़े प्रहार किए।
सुधीर शर्मा ने बताया कि भाजपा ने अधिकांश वार्डों में युवा, शिक्षित और नए चेहरों को चुनावी मैदान में उतारा है। उम्मीदवारों का चयन उनके मिलनसार व्यवहार और काम करने के जज्बे के आधार पर किया गया है।
उन्होंने कहा कि धर्मशाला अब एक अंतरराष्ट्रीय शहर बन चुका है। इसकी आधुनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए नई पीढ़ी के प्रतिनिधियों की आवश्यकता है, जो तकनीक और ईमानदारी के साथ शहर का विकास कर सकें। कुछ प्रत्याशियों ने पर्चा भर दिया है, जबकि शेष 2 मई को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
सुधीर शर्मा ने कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी पर धर्मशाला के विकास में भेदभाव करने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा शहर में हो रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता बेहद खराब है। कुछ ठेकेदार जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रहे हैं। धर्मशाला की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए यहां केवल कागजी नहीं, बल्कि 'टिकाऊ' निर्माण की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के 'व्यवस्था परिवर्तन' के नारे पर तंज कसते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि धरातल पर कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है। सरकार के दावे और हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है। आलम यह है कि सरकार के अपने विधायक और मंत्री भी घुटनों में हैं और खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं।
100 साल पुराने ऐतिहासिक बॉयज स्कूल के मामले में सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए विधायक ने कहा छात्रों और अभिभावकों में सरकार के अधूरे निर्णय को लेकर भारी रोष है। सरकार को एक स्कूल CBSE और दूसरे को राज्य बोर्ड के तहत रखना चाहिए था।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस फैसले पर तुरंत पुनर्विचार नहीं किया, तो वे जनहित में अदालत (Court) का दरवाजा खटखटाएंगे।
भाजपा विधायक ने स्पष्ट किया कि पार्टी "सबका साथ, सबका विकास" के मंत्र के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी और धर्मशाला की जनता कांग्रेस के 'भेदभाव' का जवाब वोट से देगी।