शिमला I
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ऐतिहासिक कमला नेहरू अस्पताल (KNH) से गायनी वार्ड (स्त्री रोग विभाग) को आईजीएमसी (IGMC) शिफ्ट किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। वीरवार को अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति और शिमला नागरिक सभा ने इस फैसले के खिलाफ इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रही जनवादी महिला समिति की अध्यक्ष फालमा चौहान ने कहा कि सरकार का यह निर्णय तर्कहीन है और इससे गर्भवती महिलाओं व मरीजों को भारी असुविधा हो रही है।
उन्होंने कहा कि IGMC में पहले से ही मरीजों का भारी दबाव है। वहां भीड़भाड़ अधिक होने के कारण महिलाओं और नवजात शिशुओं में संक्रमण (Infection) फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। KNH विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए जाना जाता है। वहां से वार्ड शिफ्ट करना महिलाओं के अधिकारों का हनन है।
फालमा चौहान ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को अत्याधुनिक और विश्व स्तरीय सुविधाएं देना चाहती है, तो इसके लिए गायनी वार्ड को शिफ्ट करने के बजाय कमला नेहरू अस्पताल परिसर में ही नई बिल्डिंग का निर्माण करवाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिफ्टिंग के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है।
समिति ने स्पष्ट किया है कि उन्हें इस मुद्दे पर राजधानी की आम जनता और महिलाओं का भरपूर समर्थन मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा यदि सरकार ने अपना यह निर्णय तुरंत वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को उग्र किया जाएगा।
जनवादी महिला समिति इस मामले को लेकर अदालत (High Court) का दरवाजा खटखटाने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है।
राजधानी की महिलाएं इस फैसले के खिलाफ एकजुट हैं। हम महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य से समझौता नहीं होने देंगे। सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस शिफ्टिंग को तुरंत रोकना होगा। — फालमा चौहान, अध्यक्ष, जनवादी महिला समिति।