चंबा I
हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मणिमहेश कैलाश की यात्रा पर जाने का विचार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। चंबा जिला के भरमौर प्रशासन ने क्षेत्र में हो रहे भारी हिमपात और खराब रास्तों को देखते हुए मणिमहेश यात्रा पर तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक रोक लगा दी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम भरमौर, विकास शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में मणिमहेश मार्ग पर 4 से 5 फीट तक ताजी बर्फ जमी हुई है। इसके अतिरिक्त 2023 की भारी बरसात और बादल फटने के कारण पैदल रास्ते कई स्थानों पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
धनछो, गौरीकुंड और मणिमहेश झील की ऊंचाइयों पर परिस्थिति काफी जोखिम भरी है। खराब मौसम और बर्फीले रास्तों के कारण किसी भी समय कोई अनहोनी हो सकती है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने जनहित में यह निर्णय लिया है।
प्रशासन को सूचना मिली थी कि आधिकारिक यात्रा शुरू न होने के बावजूद कुछ श्रद्धालु और स्थानीय गाइड चोरी-छिपे यात्रियों को ऊपर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन ने आदेश जारी किए हैं यदि कोई भी गाइड या व्यक्ति श्रद्धालुओं को मणिमहेश की ओर ले जाता पाया गया,
तो उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। हड़सर मुख्य गेट पर वाहनों की कड़ी चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे धनछो से आगे किसी को भी जाने की अनुमति न दें।
ज्ञात रहे कि मणिमहेश की आधिकारिक यात्रा हर साल अगस्त माह (जन्माष्टमी से राधाष्टमी) के दौरान आयोजित की जाती है। ऑफ-सीजन में बिना तैयारी और बिना सुरक्षा के यहाँ जाना मौत को बुलावा देने जैसा है।
स्थानीय पंचायतों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे सूचना बोर्ड और पोस्टर के माध्यम से लोगों को जागरूक करें। श्रद्धालु अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और मौसम साफ होने व आधिकारिक घोषणा होने तक मणिमहेश की ओर रुख न करें।