धर्मशाला
पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक विजय के बाद धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने कड़े तेवर अपनाते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार किया है। सुधीर शर्मा ने बंगाल की जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के अटूट नेतृत्व की जीत बताते हुए कहा कि देश अब 'झूठ की राजनीति' को नकार चुका है और सुशासन की ओर बढ़ रहा है।
"कार्यकर्ताओं के पसीने से लिखी गई बंगाल की विजय गाथा"
विधायक सुधीर शर्मा ने भाजपा की प्रचंड जीत पर कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह विजय जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत और समर्पण का परिणाम है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की सराहना करते हुए कहा कि उनके कुशल मार्गदर्शन में भाजपा ने बंगाल में उस किले को फतह किया है, जिसे अभेद्य माना जाता था। उन्होंने इसे पूरे देश के लिए गौरव का विषय करार दिया।
"10 गारंटियां बनीं कांग्रेस के गले की फांस"
हिमाचल की राजनीति पर बरसते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार 'गारंटियों' के बोझ तले दब चुकी है। उन्होंने कहा, "चुनावों के दौरान जनता को ठगने के लिए 10 गारंटियां दी गईं, लेकिन आज न तो युवाओं को रोजगार मिला और न ही महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के नाम पर कुछ हासिल हुआ।
कांग्रेस ने सत्ता हथियाने के लिए बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन आज हकीकत में आम जनता, कर्मचारी और किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।"
आर्थिक संकट और माफिया राज का आरोप
सुधीर शर्मा ने प्रदेश सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश को गहरे आर्थिक संकट की ओर धकेल दिया है। उन्होंने धर्मशाला का विशेष जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि नगर निगम में 'लूट-खसोट और माफिया राज' हावी है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं और भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है।
भविष्यवाणी करते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जनविरोधी सुक्खू सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता अब इस 'झूठ के मॉडल' से ऊब चुकी है और जल्द ही लोकतांत्रिक तरीके से इस सरकार और धर्मशाला के माफिया राज का सफाया कर देगी। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में प्रदेश में पारदर्शिता और वास्तविक विकास की नई शुरुआत होगी।