मंडी I
गोपालपुर क्षेत्र के नैण गांव में 13 अप्रैल को हुई सिया गुलेरिया की निर्मम हत्या के 20 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस जांच पूरी न होने पर जन आक्रोश भड़क गया है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए अब एक दर्जन से अधिक संगठनों ने हाथ मिलाया है और 'सिया न्याय एवं यादगार मंच' का गठन किया है।
आगामी 4 मई (सोमवार) को यह मंच सरकाघाट में एकत्रित होकर मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और पुलिस प्रशासन को मांग पत्र सौंपेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि हालांकि हत्यारे को वारदात वाले दिन ही दबोच लिया गया था, लेकिन पुलिस ने अभी तक अदालत में चालान पेश नहीं किया है। जांच में हो रही देरी से परिवार और क्षेत्रवासियों में गहरा रोष है।
मुकदमे की सुनवाई रूटीन कोर्ट के बजाय फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए ताकि जल्द फैसला आए। मामले की सुनवाई सरकाघाट कोर्ट में ही सुनिश्चित की जाए। हत्यारे को बिना किसी देरी के सख्त से सख्त सजा दी जाए। पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से तुरंत आर्थिक मदद प्रदान की जाए।
न्याय की यह मांग केवल सरकाघाट तक सीमित नहीं रहेगी। छात्र संगठन SFI शिमला में पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात करेगा। संगठन की मांग है कि जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और इस जघन्य अपराध के खिलाफ कड़ा कानूनी शिकंजा कसा जाए।
बीते दिनों माकपा नेता एवं पूर्व जिला पार्षद भूपेंद्र सिंह, एडवोकेट सुरेश शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। भूपेंद्र सिंह ने सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा हत्या के इतने दिन बाद भी परिवार को कोई वित्तीय सहायता न मिलना सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करता है।
नशे के बढ़ते कारोबार पर लगाम लगाने के बजाय सरकार केवल रैलियों की औपचारिकता पूरी कर रही है।
एडवोकेट सुरेश शर्मा, नंदलाल राव और ऋत्विक के नेतृत्व में गठित इस संयुक्त मंच में हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति, SFI, माकपा और कई स्थानीय सामाजिक संगठन शामिल हैं। 4 मई को होने वाले इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है।
मंच ने स्पष्ट किया है कि यदि 4 मई के ज्ञापन के बाद भी पुलिसिया कार्रवाई में तेजी नहीं आई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। स्थानीय विधायक से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने और परिवार की मदद करने की मांग की गई है।