शिमला I
शनिवार को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला सहित देशभर में लाखों लोगों के मोबाइल फोन अचानक तेज वाइब्रेशन और बीप की आवाज के साथ बज उठे। स्क्रीन पर 'अत्यंत गंभीर चेतावनी' (Emergency Alert - Severe) का मैसेज देखकर एक बार के लिए लोग हैरान रह गए। हालांकि, घबराने की कोई बात नहीं थी, क्योंकि यह भारत सरकार द्वारा तैयार किए गए नए इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का एक हिस्सा था।
भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा भेजे गए इस फ्लैश मैसेज में साफ तौर पर लिखा था कि यह एक 'नमूना परीक्षण संदेश' (Sample Testing Message) है। इस टेस्ट का उद्देश्य सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम की प्रभावशीलता की जांच करना और आपातकालीन स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
यह स्वदेशी तकनीक भविष्य में किसी भी बड़ी आपदा या आपात स्थिति के दौरान बेहद कारगर साबित होगी यह सिस्टम नेटवर्क जाम होने की स्थिति में भी काम कर सकता है।एक साथ करोड़ों लोगों तक कुछ ही सेकंड में सूचना पहुंचाई जा सकती है। भूकंप, बाढ़, सुनामी या किसी अन्य सार्वजनिक सुरक्षा संकट के दौरान इसके जरिए अलर्ट जारी किया जाएगा।
पहाड़ी राज्य हिमाचल में, जो प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील माना जाता है, इस टेस्ट का विशेष महत्व है। शिमला के मालरोड, लोअर बाजार और कार्यालयों में काम कर रहे लोग एक साथ फोन बजने से कुछ देर के लिए असमंजस में पड़ गए। सोशल मीडिया पर भी इस अलर्ट के स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल होने लगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मैसेज को प्राप्त करने पर यूजर्स को किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह परीक्षण इसलिए किया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी वास्तविक संकट के दौरान सरकार सीधे लोगों के मोबाइल स्क्रीन पर चेतावनी भेज सके और समय रहते कीमती जान-माल की रक्षा की जा सके।