शिमला I
हिमाचल प्रदेश में चिलचिलाती धूप के बीच एक बार फिर मौसम करवट बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आगामी 3 और 4 मई को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी ओलावृष्टि और तेज आंधी चलने का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे जनजीवन और फसलों पर असर पड़ सकता है।
बीते शुक्रवार को प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिले रोहतांग दर्रा, बारालाचा और कुंजुम जैसी ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात दर्ज किया गया।
मध्यम और निचले इलाकों में धूप खिलने से पारे में 1 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। कुल्लू के सेऊबाग में तापमान 7.3 डिग्री बढ़ा, जबकि भुंतर और मनाली में 6 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। शुक्रवार को ऊना 35.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, 3 और 4 मई को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। विभाग ने निम्नलिखित जिलों के लिए चेतावनी जारी की है चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और निचले इलाकों में वर्षा की संभावना है, जबकि जनजातीय क्षेत्रों और ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात हो सकता है।
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की आहट ने निचले और मैदानी क्षेत्रों के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इन दिनों प्रदेश के निचले क्षेत्रों में गेहूं की फसल की कटाई और थ्रेसिंग का काम जोरों पर है। यदि भारी बारिश या ओलावृष्टि होती है, तो कटी हुई फसल के खराब होने और खेतों में खड़ी फसल के बिछने का खतरा पैदा हो गया है।
मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है। ओलावृष्टि के दौरान बागवानों को भी अपनी फसलों (विशेषकर सेब) को बचाने के लिए एंटी-हेल नेट का उपयोग करने या उचित सावधानी बरतने का सुझाव दिया गया है।