सोलन I
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर और सोलन में बहुचर्चित वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े (Vehicle Registration Fraud) के मुख्य मास्टरमाइंड गौरव भारद्वाज को सोलन पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले तीन महीनों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। गौरव की गिरफ्तारी सोलन, बिलासपुर और दिल्ली क्राइम ब्रांच के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
आरोपी गौरव (32), जो बिलासपुर जिले के घुमारवीं तहसील के पेहड़वीं का निवासी है, आरएलए झंडूता में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। उसकी गिरफ्तारी के पीछे पुलिस की एक प्रभावी रणनीति रही।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही दिल्ली हाईकोर्ट ने गौरव की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया था। इस मामले में पुलिस पहले ही 3 अप्रैल को एक क्लर्क और पांच एजेंटों को गिरफ्तार कर चुकी है, जो मंडी, ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा के रहने वाले हैं।
पूछताछ और अब तक की जांच में यह सामने आया है कि गौरव ने तकनीक का गलत इस्तेमाल कर आरएलए की पूरी सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाई थी आरोपी ने आरएलए सोलन के एडमिन क्रेडेंशियल हासिल कर वाहन पोर्टल में अनधिकृत प्रवेश किया।
उसने असली क्लर्क जितेंद्र ठाकुर की आईडी के अलावा 'जितेंथा' और 'डॉ. पूनम' (एसडीएम) के नाम से फर्जी यूजर आईडी तैयार की थीं। इन्हीं फर्जी आईडी के जरिए वाहनों के पंजीकरण की वेरिफिकेशन और अप्रूवल की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता था।
गौरव ने पांच एजेंटों का एक जाल बुना था। ये एजेंट ग्राहकों को फंसाते थे और उनसे मोटी रकम वसूलते थे। पूरा लेन-देन गौरव द्वारा बनाई गई फर्जी आईडी के माध्यम से ही संचालित होता था।
पुलिस का मानना है कि गौरव की गिरफ्तारी से इस गिरोह के कई और बड़े राज फाश हो सकते हैं। यह स्पष्ट हो गया है कि आरोपी ने दोनों जिलों के आरएलए कार्यालयों के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। पूछताछ में अन्य सफेदपोशों और बड़े एजेंटों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
सोलन पुलिस के अनुसार, आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े के जरिए कितने वाहनों का अवैध पंजीकरण किया गया और इसमें कुल कितने करोड़ों का चूना सरकार को लगाया गया है।