हमीरपुर I
हमीरपुर सदर के विधायक आशीष शर्मा के परिवार के लिए राहत की खबर आई है। पुंघ खड्ड में बंद स्टोन क्रशर से कथित अवैध खनन मामले में गिरफ्तार विधायक के चाचा प्रवीण शर्मा और भाई उमेश शर्मा को शनिवार को सेशन जज हमीरपुर की अदालत से नियमित जमानत मिल गई है। दोनों आरोपियों ने 17 दिन सलाखों के पीछे बिताए।
यह मामला 13 अगस्त 2025 का है, जब सुजानपुर पुलिस थाना के तहत पुंघ खड्ड में एक बंद स्टोन क्रशर पर छापेमारी की गई थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में पत्थर, बजरी और मशीनरी को अपने कब्जे में लिया था।
पुलिस ने इस मामले में विधायक के सगे भाई, चाचा और दो अन्य कर्मियों को आरोपी बनाया था। मामले में दो अन्य कर्मचारियों को पहले ही 19 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी। लेकिन, प्रवीण और उमेश शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई थी, जिसके बाद अदालत ने उन्हें 16 अप्रैल तक सरेंडर करने के आदेश दिए थे।
आरोपियों ने 15 अप्रैल को अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद एसीजीएम अदालत ने उन्हें पहले पुलिस रिमांड और बाद में न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। शनिवार को सेशन जज की अदालत में दलीलें सुनने के बाद दोनों को नियमित जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए गए। जमानत मिलने के बाद विधायक आशीष शर्मा ने प्रदेश सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला।
विधायक ने कहा, "वर्तमान सरकार और उनके एजेंट बने अधिकारी अपनी बर्बादी से पहले निर्दोष लोगों पर झूठे केस दर्ज कर रहे हैं। जनता को प्रताड़ित करने वाले ये कृत्य ही सरकार के पतन का कारण बनेंगे। हमें न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है और आज न्याय की जीत हुई है।"