धर्मशाला I
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का तिरंगा फहराकर लौटीं हिमाचल की दो स्टार कबड्डी खिलाड़ी— निकिता चौहान और सिमरन कंबोज का धर्मशाला पहुंचने पर भव्य अभिनंदन किया गया। एशियाई खेलों (Asian Games) में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी कर्मभूमि, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) प्रशिक्षण केंद्र धर्मशाला पहुंची इन बेटियों का स्वागत किसी उत्सव से कम नहीं
था। इन 'गोल्डन गर्ल्स' ने अपनी ऐतिहासिक जीत का श्रेय धर्मशाला साई सेंटर के अनुशासन, आधुनिक सुविधाओं और कोचों के मार्गदर्शन को दिया।
खिलाड़ियों ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि धर्मशाला साई सेंटर उनके करियर का 'टर्निंग पॉइंट' साबित हुआ है। खिलाड़ियों के अनुसार, यहाँ मिलने वाली ऊँचाई पर प्रशिक्षण की सुविधा और अंतरराष्ट्रीय स्तर की मैट सुविधाओं ने उनके खेल को विश्व स्तरीय बनाया।
निकिता और सिमरन ने विशेष रूप से अपने कोचों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने तकनीक के साथ-साथ उनके मानसिक मनोबल को भी हमेशा ऊंचा रखा।
कबड्डी कोच और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पूजा ठाकुर ने गर्व से कहा कि धर्मशाला साई कैंपस आज देश के सर्वश्रेष्ठ केंद्रों में शुमार हो चुका है। आज खुशी इस बात की है कि भारतीय टीम में लगभग आधी टीम इसी सेंटर से चुनी हुई होती है।
यहाँ का स्टाफ खिलाड़ियों को परिवार की तरह सपोर्ट करता है, जिससे वे मानसिक रूप से अभेद्य बन जाते हैं। धर्मशाला से ट्रेनिंग लेने वाले खिलाड़ियों का भविष्य बेहद उज्ज्वल है। — पूजा ठाकुर
स्वर्ण पदक विजेता सिमरन कंबोज और निकिता चौहान ने अपने अनुभव साझा करते हुए कुछ महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं खिलाड़ियों ने मांग की कि पुरुषों की तर्ज पर महिलाओं के लिए भी 'प्रो-कबड्डी' लीग शुरू की जानी चाहिए ताकि प्रतिभाओं को बड़ा मंच मिले।
सिमरन ने जोर देकर कहा कि सरकार और समाज को बेटियों को भी बेटों के समान खेलों में प्राथमिकता और सुविधाएं देनी चाहिए। निकिता ने कहा कि वे अपने सीनियर खिलाड़ियों को देखकर प्रेरित हुई हैं और धर्मशाला का सहयोगी माहौल किसी भी खिलाड़ी को चैंपियन बनाने के लिए पर्याप्त है।
सिमरन कंबोज ने बताया कि साई सेंटर की बेहतरीन डाइट और कठोर ट्रेनिंग का ही परिणाम था कि वे चीन में अंतरराष्ट्रीय मैचों के भारी दबाव को आसानी से झेल सकीं। उन्होंने कहा कि यहाँ की सुविधाएं वैश्विक स्तर की हैं। धर्मशाला के इस सेंटर पर आज न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश की नजरें हैं, क्योंकि यह केंद्र लगातार देश को 'गोल्डन' खिलाड़ी दे रहा है।