शिमला
जिला पुलिस शिमला ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अपने विशेष अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। कुमारसैन थाना क्षेत्र में पकड़ी गई चिट्टा तस्करी के मामले की गहन जांच करते हुए पुलिस ने चंडीगढ़ से इस नेटवर्क के मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से प्रदेश में सक्रिय नशा तस्करों के अंतरराज्यीय लिंक का खुलासा हुआ है।
मामले की पृष्ठभूमि
पुलिस ने बताया कि 12 मार्च 2026 को थाना कुमारसैन में एनडी एंड पीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसमें 12.36 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद की गई थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों—राहुल लारजु (रामपुर), शुभम खन्ना (सराहन) और विकास मिन्ज (ओडिशा) को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
'बैकवर्ड लिंकेज' से खुला मुख्य सप्लायर का राज
मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने इस तस्करी के 'बैकवर्ड लिंकेज' (Backward Linkage) पर काम किया। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि गिरोह का मुख्य सरगना चंडीगढ़ से नशे की सप्लाई कर रहा है। जिला पुलिस की टीम ने तत्परता दिखाते हुए चंडीगढ़ के मौली जागरा कॉम्प्लेक्स में छापेमारी की और मुख्य आरोपी संजय उर्फ गांजी को धर दबोचा।
आगे की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संजय उर्फ गांजी की गिरफ्तारी इस बड़े ड्रग सप्लाई नेटवर्क को तोड़ने में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। आरोपी से पूछताछ में कई अन्य चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नशा और कहाँ-कहाँ सप्लाई किया जा रहा था। नशे के विरुद्ध हमारा अभियान और अधिक सख्ती से जारी रहेगा। युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आम जनता से भी अपील है कि वे नशे के खिलाफ मुहिम में पुलिस का सहयोग करें और ऐसी अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।