मंडी।
बल्ह विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंद्र सिंह गांधी ने क्षेत्र की बदहाल स्थिति और ठप पड़े विकास कार्यों को लेकर मंडी के उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने सोमवार को उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा और क्षेत्र की लंबित सड़कों, पुलों और पेयजल परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने की मांग की।
सरकार के दावे केवल कागजों तक सीमित
विधायक इंद्र सिंह गांधी ने प्रदेश सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता मंचों से विकास के जो दावे कर रहे हैं, वे पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वे इन कार्यों के बारे में अधिकारियों से पूछते हैं, तो एक ही जवाब मिलता है—"बजट उपलब्ध नहीं है।"
गांधी ने कहा, प्रदेश की कांग्रेस सरकार को यह समझना चाहिए कि केवल अपने चहेतों और करीबियों को लाभ पहुँचाना विकास नहीं है। असली विकास तब होता है जब मूलभूत सुविधाएँ गरीब और जरूरतमंद लोगों तक पहुँचें।
अधूरे कार्यों की लंबी सूची
विधायक ने कई प्रमुख विकास कार्यों का जिक्र किया जो बजट के अभाव में अधर में लटके हुए हैं। टांवा–कुम्मी, भियूरा स्टोह दोहल, रत्ती ढागू, लूनापानी–हवेली मांडल, जीरो प्वाइंट–बटाहण और गम्भर पुल–पतरेंग कोटीघेरी जैसी महत्वपूर्ण सड़कें।
चण्डयाल सुहैल पुल, पेडी पस्ता पुल, मुख्यमंत्री लोक भवन लेदा, वेटनरी भवन, आईटीआई गगल और ई-किसान भवन लूनापानी। बल्ह घाटी मध्यम सिंचाई परियोजना का सुचारू संचालन और कई गांवों में गंभीर पेयजल संकट।
आंदोलन की चेतावनी
इंद्र सिंह गांधी ने प्रदेश सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और रुकी हुई योजनाओं के लिए बजट जारी नहीं किया गया, तो वे जनता को साथ लेकर सड़कों पर उतरेंगे और उग्र आंदोलन करेंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान मंडल अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर, महामंत्री पवन, सुकन्या सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।