शिमला।
हिमाचल प्रदेश के दुग्ध उत्पादन और डेयरी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की गरिमामयी उपस्थिति में हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के बीच एक महत्वपूर्ण सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस साझेदारी पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह समझौता हिमाचल के दुग्ध उत्पादकों के लिए गेम चेंजर साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य लक्ष्य राज्य के किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि डेयरी क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों से लैस करना समय की मांग है, ताकि पशुपालकों को उनकी कड़ी मेहनत का उचित पारिश्रमिक मिल सके। उन्होंने कहा, इस साझेदारी से न केवल दूध के संग्रहण और प्रसंस्करण की व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि इसके विपणन (मार्केटिंग) नेटवर्क का भी विस्तार होगा, जिससे सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।
इस एमओयू के तहत डेयरी क्षेत्र में तकनीकी सहयोग और बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यदि दूध से जुड़े उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होगी और बाजार में उनकी पहुँच बढ़ेगी, तो इसका सीधा लाभ राज्य के दुग्ध उत्पादक किसानों की जेब तक पहुँचेगा।
यह पहल प्रदेश में स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में आय के साधनों को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम मानी जा रही है।