चम्बा
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को चम्बा जिला मुख्यालय पर हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। चौगान नंबर दो से शुरू हुई यह रैली पूरे बाजार से होते हुए उपायुक्त कार्यालय तक पहुंची, जहाँ पेंशनरों ने सरकार की कथित उपेक्षा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
14 सूत्रीय मांगों पर अड़े पेंशनर
समिति के जिला समन्वयक डॉ. डीके सोनी ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पेंशनर अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार लगातार अनदेखी कर रही है।
पेंशनरों की मुख्य मांगों में शामिल हैं वर्ष 2026-27 के बजट में लंबित बकाये के भुगतान के लिए विशेष बजट आवंटित हो। 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की पेंशन संशोधन, ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट का तुरंत भुगतान।
लंबित 13 प्रतिशत डी.ए. किस्तों, 146 महीनों के बकाया एरियर और पिछले पांच वर्षों के लंबित मेडिकल बिलों का भुगतान। उच्च न्यायालय के आदेशानुसार पेंशन मामलों में 6% ब्याज के साथ भुगतान सुनिश्चित करना।
सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम
डॉ. डीके सोनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने अगले सात दिनों के भीतर पेंशनर्स प्रतिनिधियों के साथ वार्ता का दौर शुरू नहीं किया और बजट में उनकी मांगों को शामिल नहीं किया, तो आंदोलन और उग्र हो जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि 30 मार्च 2026 को प्रदेशभर के पेंशनर शिमला पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगे।
इस दौरान बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भाग लिया और सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपकर सरकार को अंतिम चेतावनी दी गई है।