ऊना
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार के खिलाफ कर्मचारियों और पेंशनरों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार को ऊना में संयुक्त पेंशनर्स संघ ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।
संघ ने सरकार को 'कर्मचारी विरोधी' करार देते हुए चेतावनी दी है कि यदि आगामी बजट में उनकी मांगों को शामिल नहीं किया गया, तो 30 मार्च को शिमला में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
डी.ए. की किश्तें रोकने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने सरकार पर आर्थिक शोषण का आरोप लगाया। अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने दावा किया कि सरकार ने पेंशनरों की 13% डी.ए. किश्तें रोक रखी हैं।
केंद्र द्वारा घोषित 4% डी.ए. में से भी 1% डी.ए. को रोकने का आरोप लगाया गया है। एरियर भुगतान को लेकर सरकार के उस प्रस्ताव का भी कड़ा विरोध किया गया, जिसमें इसे 200 महीनों (16 वर्ष 8 महीने) में देने की बात कही गई थी। संघ के कड़े रुख के बाद सरकार को वह निर्णय वापस लेना पड़ा था।
HRTC बना 'लूट का अड्डा'?
संघ ने एचआरटीसी (HRTC) प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। सुरेश ठाकुर ने कहा कि एचआरटीसी में पेंशन मिलने की कोई निश्चित तारीख नहीं है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, निगम के पास नई 400 बसें खरीदने के लिए तो करोड़ों का बजट है, लेकिन पेंशन के नाम पर विभाग हमेशा खाली खजाने का रोना रोता है।
संघ ने एचआरटीसी को भ्रष्टाचार और लूट का अड्डा तक करार दे दिया।
संयुक्त पेंशनर्स संघ ने स्पष्ट किया है कि अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि आगामी बजट सत्र में कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के लिए ठोस प्रावधान नहीं किए गए, तो 30 मार्च को पूरे प्रदेश के पेंशनर शिमला पहुंचेंगे और सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे।