भारी बारिश से पहाड़ी में आई दरारें, अवैज्ञानिक खोदाई को बताया जा रहा खतरे का कारण; प्रशासन ने निर्माण कार्य रुकवाया
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। राजधानी शिमला के लोअर पंथाघाटी क्षेत्र में पहाड़ी खिसकने और जमीन में दरारें आने से लोगों में दहशत का माहौल है।
भूस्खलन के खतरे को देखते हुए एक फ्लैट और एक मकान को एहतियातन खाली करवा दिया गया है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है, जबकि आसपास के अन्य भवनों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
एसडीएम ने मौके का किया निरीक्षण
लोअर पंथाघाटी में स्थिति का जायजा लेने के लिए एसडीएम ग्रामीण मंजीत शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने भवन निर्माण और पहाड़ी की खोदाई का काम रुकवा दिया।
एसडीएम ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक मकान को खाली करवाया गया है और प्रशासन पूरे क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अवैज्ञानिक खोदाई से बढ़ा खतरा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भवन निर्माण के लिए की गई अवैज्ञानिक खोदाई के कारण पहाड़ी कमजोर हो गई है। लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान बिना सुरक्षा इंतजामों के की गई खोदाई से अब आसपास रहने वाले परिवारों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
स्थानीय निवासी चेतन मेहता ने मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
जीवनभर की कमाई से खरीदा फ्लैट छोड़ना पड़ा
भूस्खलन से प्रभावित लोगों में एक मैकेनिक भी शामिल है, जिसने अपनी जीवनभर की कमाई से इस क्षेत्र में फ्लैट खरीदा था।
उसका कहना है कि बड़ी मेहनत से बनाए गए आशियाने को अब परिवार की सुरक्षा के लिए खाली करना पड़ रहा है। अचानक पैदा हुए खतरे से प्रभावित परिवारों में चिंता का माहौल है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र का भू-वैज्ञानिक निरीक्षण करवाया जाए। लोगों का कहना है कि पहाड़ी की स्थिरता का आकलन जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए राहत और सुरक्षा उपाय उपलब्ध करवाने की भी मांग की है।
संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी की जरूरत
लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण कार्य और पहाड़ी की कटिंग पर विशेष निगरानी रखी जानी चाहिए।
वहीं प्रशासन ने कहा है कि क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा कदम उठाए जाएंगे।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube