खड़ामुख के पास पहाड़ी से गिरे पत्थर और मलबा, एनएचपीसी कर्मचारियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। चंबा जिले में पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़ामुख के समीप हुए भूस्खलन में 25 लोगों की जान बाल-बाल बच गई। हादसे में तीन कर्मचारी मामूली रूप से घायल हुए हैं।
यह घटना चमेरा-3 पावर स्टेशन की डैम साइट के पास हुई, जहां अचानक पहाड़ी से भारी मलबा और पत्थर गिरने लगे। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने समय रहते सतर्कता दिखाते हुए वहां से भागकर अपनी जान बचाई।
अचानक गिरे पत्थरों से मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के कारण पहाड़ी कमजोर हो गई थी। अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने शुरू हुए और देखते ही देखते भारी मलबा नीचे आ गया।
पत्थरों की तेज आवाज सुनकर मौके पर मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर दौड़ लगाई, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
तीन कर्मचारियों को आई मामूली चोटें
भूस्खलन की चपेट में आने से तीन कर्मचारी मामूली रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। फिलहाल सभी घायल कर्मचारियों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
एनएचपीसी ने कहा- सतर्कता से टला हादसा
एनएचपीसी के महाप्रबंधक टिकेश्वर प्रसाद ने बताया कि भूस्खलन में तीन कर्मचारियों को हल्की चोटें आई हैं और सभी की हालत स्थिर है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की त्वरित प्रतिक्रिया और सूझबूझ के कारण बड़ा हादसा होने से बच गया।
मानसून में बढ़ जाता है भूस्खलन का खतरा
पठानकोट-भरमौर क्षेत्र में मानसून के दौरान पहाड़ी से पत्थर गिरने और भूस्खलन का खतरा लगातार बना रहता है। बारिश के मौसम में पहाड़ों के कमजोर होने से ऐसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित क्षेत्र में एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। पहाड़ी से गिरने वाले मलबे पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
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