अदालत ने सुंदरनगर निवासी रणवीर सिंह को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराया; आरोपी के कब्जे से करीब 7 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ शिमला पुलिस की कार्रवाई के तहत दर्ज एनडीपीएस मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
7 अगस्त 2026 को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2, शिमला की अदालत ने पुलिस थाना वेस्ट शिमला के अभियोग संख्या 41/2022 में यह फैसला सुनाया।
मामला धारा 21 एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था। आरोपी की पहचान रणवीर सिंह निवासी सुंदरनगर, जिला मंडी के रूप में हुई है।
करीब 7 ग्राम हेरोइन हुई थी बरामद
पुलिस के अनुसार मामले में आरोपी के कब्जे से करीब 7 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत तरीके से साक्ष्य जुटाए।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
दो साल का कठोर कारावास और 25 हजार जुर्माना
अदालत ने रणवीर सिंह को दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
शिमला पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान के साथ-साथ मामलों में गुणवत्तापूर्ण जांच और प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार उद्देश्य मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों में संलिप्त आरोपियों को कानून के अनुसार सजा दिलाना और नशे के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावी बनाना है।
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