हिमाचल दिवस के बाद स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में भी नहीं मिली जिम्मेदारी, एक विधायक की ड्यूटी लगने से उठे राजनीतिक सवाल
हिमाचल प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस के सरकारी कार्यक्रम को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह की कार्यक्रम में ड्यूटी नहीं लगाए जाने को लेकर अब राजनीतिक सवाल उठने लगे हैं।
खास बात यह है कि इससे पहले हिमाचल दिवस के कार्यक्रम में भी विक्रमादित्य सिंह को जिम्मेदारी नहीं दी गई थी। अब स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण सरकारी आयोजन में भी उनकी ड्यूटी नहीं लगने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
एक विधायक की ड्यूटी, मंत्री को रखा बाहर
मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के लिए एक विधायक की ड्यूटी लगाई गई है, जबकि सरकार के कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह को इस जिम्मेदारी से बाहर रखा गया है।
इसी को लेकर सवाल उठ रहा है कि क्या यह महज प्रशासनिक स्तर पर लिया गया फैसला है या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश भी है।
लगातार दो बड़े आयोजनों से दूरी पर सवाल
विक्रमादित्य सिंह पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे हैं और हिमाचल की राजनीति में उनका महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में लगातार दो बड़े सरकारी आयोजनों में उनकी ड्यूटी नहीं लगने को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में उनकी जिम्मेदारी क्यों तय नहीं की गई।
फैसले को लेकर सियासी चर्चाएं तेज
स्वतंत्रता दिवस से पहले मंत्री की ड्यूटी को लेकर सामने आया यह मामला अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। सरकार की ओर से इस फैसले की वजह स्पष्ट होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।
फिलहाल, विक्रमादित्य सिंह को लगातार दूसरे बड़े सरकारी आयोजन से जिम्मेदारी से बाहर रखे जाने के फैसले ने हिमाचल की सियासत का तापमान जरूर बढ़ा दिया है।
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