शिमला I
देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने वार्षिक ग्रीष्मकालीन प्रवास (Summer Sojourn) के लिए 27 अप्रैल 2026 को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला पहुंच रही हैं। राष्ट्रपति के इस 6 दिवसीय दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था को इतना चाक-चौबंद किया गया है कि शहर में 'परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा'।
राष्ट्रपति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिमला पुलिस ने करीब 1500 जवानों को तैनात किया है। सुरक्षा घेरे को मुख्य रूप से तीन परतों (Layers) में बांटा गया है पहली लेयर इसमें पुलिस के जवान सिविल ड्रेस (बिना वर्दी) में तैनात रहेंगे।
दूसरी और तीसरी लेयर में इन परतों में वर्दीधारी सशस्त्र जवान मुस्तैद रहेंगे। राष्ट्रपति के काफिले के साथ करीब 150 विशेष जवानों का दस्ता चलेगा।
27 अप्रैल को राष्ट्रपति दिल्ली से चंडीगढ़ होते हुए शिमला पहुंचेंगी और मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास 'द रिट्रीट' में ठहरेंगी। 28 अप्रैल को शिमला में एक औपचारिक उद्घाटन समारोह में शामिल होंगी।
29 अप्रैल को राष्ट्रपति लाहुल-स्पीति के अटल टनल (रोहतांग) का निरीक्षण करेंगी और बीआरओ (BRO) के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी। 30 अप्रैल को पालमपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय के 17वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगी।
शाम को शिमला स्थित आर्मी ट्रेनिंग कमांड (ARTRAC) का दौरा प्रस्तावित है। 01 मई को मशोबरा स्थित 'द रिट्रीट' में 'एट होम' (At Home) स्वागत समारोह आयोजित होगा, जिसमें राज्य के गणमान्य लोग शामिल होंगे। 02 मई को प्रवास संपन्न कर राष्ट्रपति दिल्ली वापस लौट जाएंगी।
सुरक्षा कारणों से अटल टनल से सिस्सू तक के इलाके को 'नो फ्लाई जोन' घोषित किया गया है। ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। शहर में भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी।
प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को राष्ट्रपति के काफिले के समय नियंत्रित किया जाएगा। राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान 'द रिट्रीट' (मशोबरा) आम जनता और पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा।
पूरे शिमला शहर और वीवीआईपी रूट पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से पैनी नजर रखी जाएगी। मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) स्वयं सुरक्षा व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को 24x7 मेडिकल टीम और एम्बुलेंस तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं।