शिमला I
हिमाचल प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां मैदानी इलाके भीषण गर्मी की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ ऊपरी इलाकों में ओलावृष्टि और अंधड़ ने तबाही मचाई है। शुक्रवार को ऊना में इस सीजन का सबसे अधिक तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश इतनी तेज हो गई है कि दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसर रहा है। ऊना में तापमान सामान्य से 6 डिग्री ऊपर पहुँच गया है। कांगड़ा में शुक्रवार को तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
गौर करने वाली बात यह है कि पिछले तीन वर्षों (2023, 2024 और 2025) के मुकाबले इस बार अप्रैल में गर्मी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बिलासपुर में 38.0°C, सुंदरनगर में 36.3°C और हमीरपुर में भी पारा 35 डिग्री के पार बना हुआ है।
गर्मी के बीच शिमला जिले के जुब्बल और कोटखाई क्षेत्र से बागवानों के लिए बुरी खबर आई है। शुक्रवार शाम को अचानक हुई भारी ओलावृष्टि ने खनाशनी और शुराचली पट्टी के करीब 10-12 गांवों में सेब की फसल को तहस-नहस कर दिया है। धानसर, खरशाल, कंदरोट, झाल्टा, गिल्टाड़ी और कवाल्टा जैसे क्षेत्रों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई, जिससे सेब के छोटे फल और फूल झड़ गए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आने वाले दिनों के लिए राहत और चेतावनी दोनों जारी की हैं शनिवार से प्रदेश के 8 जिलों (किन्नौर, लाहौल-स्पीति, शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा) में हल्की बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आगामी 28 से 30 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने का अनुमान है, जिससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है।