शिमला I
हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों की सरगर्मी के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। आगामी चुनावों में 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं को घर से मतदान (Home Voting) करने की सुविधा नहीं मिलेगी। इन मतदाताओं को भी अन्य नागरिकों की तरह पोलिंग बूथ पर जाकर ही अपने मताधिकार का प्रयोग करना होगा।
लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भारत निर्वाचन आयोग यह सुविधा प्रदान करता रहा है, और उम्मीद थी कि इस बार स्थानीय निकाय चुनावों में भी इसे लागू किया जाएगा। हालांकि, राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के 22 हजार मतदान केंद्रों पर इतने कम समय में पंजीकृत मतदाताओं के लिए घर-घर जाकर मतदान करवाना प्रशासनिक रूप से संभव नहीं है।
यद्यपि घर से वोटिंग की सुविधा नहीं है, लेकिन निर्वाचन आयोग ने बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं सभी मतदान केंद्रों पर रैंप की अनिवार्य व्यवस्था होगी।
चलने-फिरने में असमर्थ मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जाएगी। जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि मतदान केंद्रों पर सहायक कर्मचारी तैनात रहें ताकि इन मतदाताओं को कोई परेशानी न हो।
प्रदेश के 51 शहरी निकायों में चुनावी प्रक्रिया जारी है, जिसका मतदान 17 मई को होगा कुल मतदाता 3,60,859, नगर निगम 4 (धर्मशाला, मंडी, पालमपुर और सोलन) - यहाँ 64 पार्षदों का चुनाव होगा, नगर परिषद 25 - यहाँ 229 वार्ड सदस्यों का चयन होगा, नगर पंचायत 22 - यहाँ 156 वार्ड सदस्यों के लिए वोट डाले जाएंगे।
पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की घोषणा अभी शेष है। ऐसे में जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची में नहीं हैं, वे अभी भी अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं मात्र 2 रुपये की निर्धारित फीस और आवश्यक फॉर्म भरकर जिला उपायुक्त (DC) के पास जमा करवाना होगा।प्रदेश की नई और परिसीमन वाली लगभग 15 पंचायतों की सूचियां अधिसूचित हो चुकी हैं।
शेष करीब 450 पंचायतों की सूचियां 27 अप्रैल तक अधिसूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।