शिमला I
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 27 अप्रैल से हिमाचल प्रदेश के छह दिवसीय प्रवास पर आ रही हैं। इस दौरे का सबसे खास हिस्सा 29 अप्रैल (प्रस्तावित) को उनका जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति का दौरा होगा। अटल टनल रोहतांग के निर्माण के बाद, वह देश की दूसरी ऐसी राष्ट्रपति होंगी जो इस आधुनिक इंजीनियरिंग के चमत्कार को पार कर लाहौल की वादियों में पहुंचेंगी।
अटल टनल बनने के बाद जून 2022 में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहले ऐसे राष्ट्रपति थे जिन्होंने इस टनल का दीदार किया था। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह दौरा लाहौल के लोगों के लिए विशेष मायने रखता है। चूंकि राष्ट्रपति स्वयं अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंध रखती हैं, इसलिए घाटी के लोगों में उन्हें लेकर एक विशेष उत्साह और अपनेपन का अहसास है।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से लेकर सिस्सू हेलिपैड तक सभी ढाबों और अस्थायी टेंटों को हटा दिया गया है।
सिस्सू और आसपास के क्षेत्रों में सभी प्रकार की पर्यटन गतिविधियों पर 30 अप्रैल तक रोक लगा दी गई है। केलांग की एसडीएम कुनिका एकर्स ने तैयारियों की समीक्षा बैठक की और सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
27 अप्रैल को राष्ट्रपति शिमला पहुंचेंगी और मशोबरा स्थित 'द रिट्रीट' में रुकेंगी। 29 अप्रैल को अटल टनल रोहतांग का भ्रमण और लाहौल के सिस्सू का दौरा। 30 अप्रैल को पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी और शाम को शिमला स्थित आर्मी ट्रेनिंग कमांड (ARTRAC) का दौरा करेंगी।
01 मई शिमला में 'एट होम' (At Home) कार्यक्रम और अन्य आधिकारिक मुलाकातें। 02 मई को शिमला से दिल्ली के लिए रवानगी होगी ।
अटल टनल ने न केवल लाहौल-स्पीति की तस्वीर बदली है, बल्कि इसे देखने के लिए अब तक प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और कई वैश्विक गणमान्य लोग आ चुके हैं। यह टनल अब साल भर लाहौल को देश से जोड़े रखती है, जिससे यह क्षेत्र पर्यटन और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है।