नूरपुर।
नूरपुर विधानसभा क्षेत्र की पंचायत थोड़ा भलूण में खैर के पेड़ों के कथित अवैध कटान का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। स्थानीय निवासी द्वारा प्रभावशाली लोगों पर ज़ोर-जबरदस्ती, नियमों के उल्लंघन और डराने-धमकाने के आरोप लगाए गए हैं। मामला अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुँच चुका है, जिसके बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है।
न्यायालय के आदेशों की अवहेलना का आरोप
पंचायत थोड़ा भलूण के निवासी नरेंद्र सिंह ने इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई है। उनका आरोप है कि जिस भूमि पर माननीय न्यायालय द्वारा 'स्टे ऑर्डर' (स्थगन आदेश) जारी किया गया है, उस विवादित भूमि पर लगभग 20 से अधिक खैर के पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया।
विवादित भूमि के साथ लगती खुदरो और सरकारी ज़मीन पर भी खैर के पेड़ों का कटान किया गया है। नरेंद्र सिंह का दावा है कि जब उन्होंने पेड़ों को कटने से बचाने का प्रयास किया, तो मौके पर मौजूद लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 और डीएफओ नूरपुर को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रशासन की कार्रवाई: 'फर्जी' ठेकेदार का संदेह
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने जांच तेज़ कर दी है। नूरपुर के वन उपमंडल अधिकारी (डीएफओ) संदीप कोहली ने बताया कि विभाग को शिकायत प्राप्त होते ही टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया था।
डीएफओ ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि शिकायत में जिस ठेकेदार का ज़िक्र है, उस नाम का कोई भी व्यक्ति वन विभाग के पास बतौर कॉन्ट्रेक्टर रजिस्टर्ड नहीं है। मामला मुस्तरीकी (साझा) भूमि से जुड़ा है, इसलिए विभागीय पटवारी और कानूनगो को मौके पर सीमांकन (Demarcation) के लिए बुलाया गया है।
संदीप कोहली ने स्पष्ट किया कि यदि पैमाइश के दौरान सरकारी भूमि पर कटान या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हमने माननीय न्यायालय और वन विभाग से गुहार लगाई है। स्टे वाली ज़मीन और सरकारी भूमि से कीमती खैर के पेड़ों को काटना कानून का मखौल उड़ाना है। हमें न्याय की उम्मीद है। — नरेंद्र सिंह, शिकायतकर्ता
शिकायत मिलते ही स्टाफ मौके पर तैनात कर दिया गया है। मुस्तरीकी ज़मीन का मामला होने के कारण राजस्व विभाग की मदद ली जा रही है। किसी भी अवैध गतिविधि पर कानून के तहत सख्त एक्शन लिया जाएगा।