भाजपा ने आंदोलन को राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित बताया, कांग्रेस ने छात्रों के भविष्य और परीक्षा पारदर्शिता का मुद्दा उठाया
NEET पेपर लीक मामले को लेकर हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस और युवा कांग्रेस जहां इसे छात्रों के भविष्य, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की लड़ाई बता रही है, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इस आंदोलन को राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित करार दिया है।
बुधवार को ऊना पहुंचे भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं श्री नैना देवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणधीर शर्मा ने कांग्रेस और युवा कांग्रेस के आंदोलन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के हितों के नाम पर शुरू हुआ आंदोलन अब अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है।
आंदोलन के स्वरूप पर भाजपा ने उठाए सवाल
पत्रकारों से बातचीत के दौरान रणधीर शर्मा ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर शुरू किया गया आंदोलन शुरुआत में छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़ा था, लेकिन अब इसका स्वरूप बदल चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आंदोलन के दौरान हुई नारेबाजी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन की भी एक लोकतांत्रिक मर्यादा होती है।
प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी पर जताई आपत्ति
भाजपा विधायक ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और मंत्रिमंडल के सदस्यों द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई नारेबाजी पर भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों से जिम्मेदार और मर्यादित आचरण की उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन भाषा और व्यवहार में गरिमा बनाए रखना जरूरी है।
कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ लेने का लगाया आरोप
रणधीर शर्मा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह छात्रों से जुड़े मुद्दों की आड़ में राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थिति ऐसी हो गई है कि अब पार्टी नेताओं को खुद सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस के इस आंदोलन और उसकी कार्यशैली की निंदा करती है।
भाजपा ने कहा- छात्रों के हितों के साथ खड़ी है पार्टी
भाजपा विधायक ने कहा कि पार्टी छात्रों के हितों की समर्थक है और परीक्षा प्रणाली में सुधार का समर्थन करती है। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के मुद्दों को राजनीतिक हथियार बनाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है और सही समय पर अपना निर्णय लेगी।
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