राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को मिलेगा कृमिनाशक डोज, 27,419 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक भी
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 18 सितंबर को जिला हमीरपुर के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों और शिक्षण संस्थानों में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों, किशोरों और नवयुवाओं को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल दी जाएगी। जिले में लगभग 1,31,000 बच्चों को यह दवा देने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 1 से 5 वर्ष तक के 27,419 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक भी दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न टीकाकरण एवं प्रतिरक्षण कार्यक्रमों की जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी अभिषेक गर्ग ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चे के पेट में कृमि होने से उसका शारीरिक विकास प्रभावित हो सकता है और वह अनीमिया जैसी बीमारी की चपेट में भी आ सकता है।
इसलिए 19 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे एवं युवा के लिए कृमिनाशक दवा बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चों में आंखों से जुड़ी समस्याओं के निवारण के लिए विटामिन-ए की खुराक भी महत्वपूर्ण है।
एडीसी ने सभी आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा शिक्षण संस्थानों के नोडल अधिकारियों और प्रभारी शिक्षकों को निर्देश दिए कि बच्चों को उनकी उपस्थिति में ही कृमिनाशक दवा खिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा दवा लेने से छूटना नहीं चाहिए। किन्हीं कारणों से 18 सितंबर को दवा लेने से छूटने वाले बच्चों को 25 सितंबर को यह दवा दी जाएगी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अन्य प्रतिरक्षण एवं टीकाकरण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। एडीसी अभिषेक गर्ग ने बताया कि जिला में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 1947 यानी लगभग 66 प्रतिशत लड़कियों को सर्विकल कैंसर रोधी टीका लगाया जा चुका है।
इससे छूटी हुई लड़कियों के टीकाकरण के लिए स्कूल स्तर पर अभियान चलाया गया है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों के नोडल अधिकारियों और शिक्षकों से इस आयु वर्ग की सभी लड़कियों का टीकाकरण सुनिश्चित करने में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
अभिषेक गर्ग ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग छोटे बच्चों को अलग-अलग समय पर विभिन्न वैक्सीनों की कुल 27 खुराकें निशुल्क प्रदान कर रहा है। ये वैक्सीन बच्चों को 12 बीमारियों से बचाने में मदद करती हैं। इसी तरह एचपीवी का टीका लड़कियों को भविष्य में सर्विकल कैंसर से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
एडीसी ने बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की भी समीक्षा की। इस दौरान जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, एचपीवी टीकाकरण और अन्य प्रतिरक्षण कार्यक्रमों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में सभी बीएमओ, शिक्षा विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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