2.8 किमी डयोड और 650 मीटर हणोगी सुरंग शुरू, जोगनी माता मंदिर समेत कई जगहों पर जाम से मिलेगी राहत
मंडी से कुल्लू-मनाली जाने वाले वाहन चालकों और पर्यटकों के लिए राहत की खबर है। कीरतपुर-मनाली फोरलेन के पंडोह-टकोली बाइपास सेक्शन पर डयोड और हणोगी की दोनों सुरंगें शुक्रवार को यातायात के लिए खोल दी गईं।
दोनों सुरंगों के शुरू होने से इस मार्ग पर सफर करने वाले लोगों को लंबे जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर पर्यटन सीजन के दौरान कुल्लू-मनाली जाने वाले पर्यटकों को इसका बड़ा फायदा मिल सकता है।
मंडी से कुल्लू-मनाली जाने वाले रास्ते पर जोगनी माता मंदिर, डयोड और हणोगी के आसपास अक्सर जाम की स्थिति बनती थी। सड़क संकरी होने और वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण कई बार लोगों को एक से दो घंटे तक जाम में फंसना पड़ता था।
इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था। दोनों सुरंगों के यातायात के लिए खुलने के बाद अब इन स्थानों पर जाम की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
2.8 किलोमीटर लंबी है डयोड सुरंग
डयोड में 2.8 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया है, जबकि हणोगी की सुरंग 650 मीटर लंबी है। दोनों सुरंगों के शुरू होने से करीब छह किलोमीटर का प्रभावित सड़क हिस्सा घटकर लगभग 3.5 किलोमीटर रह जाएगा। इससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सुगम होने और यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से डयोड और हणोगी सुरंगों को यातायात के लिए खोले जाने की जानकारी साझा की है। सुरंगों के शुरू होने से मंडी से कुल्लू-मनाली जाने वाले वाहन चालकों और पर्यटकों को सफर में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
मंडी से कुल्लू का सफर एक घंटे में होने की उम्मीद
पंडोह बाईपास के अंत से टकोली तक 18.908 किलोमीटर लंबे फोरलेन प्रोजेक्ट पर 4,465.94 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मोड के तहत बनाई जा रही है। फोरलेन और सुरंगों के पूरी तरह उपयोग में आने के बाद सामान्य यातायात की स्थिति में मंडी से कुल्लू का सफर करीब दो घंटे से घटकर एक घंटे रह सकता है।
इससे मंडी से कुल्लू और आगे मनाली जाने वाले लोगों को रास्ते में कम समय लगेगा। कुल्लू-मनाली आने वाले पर्यटकों के लिए भी यात्रा अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। हालांकि, जाम, मौसम और सड़क की स्थिति के अनुसार यात्रा का समय अलग-अलग हो सकता है।
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