प्रशासन की पहल से ग्रामीण महिलाओं को मिला अपने हस्तनिर्मित उत्पाद बेचने का अवसर, चंबा चप्पल, अचार, ऊनी उत्पाद और क्रोशिया सामान बने आकर्षण का केंद्र
ऐतिहासिक एवं अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में इस बार प्रशासन ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पहल की है। मेले में स्वयं सहायता समूहों के लिए अलग से विशेष मेला आयोजित किया गया है, जहां कुल 16 स्टॉल स्थापित किए गए हैं।
इन स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आई महिलाओं को अपने द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने का अवसर मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग इन स्टॉलों का रुख कर रहे हैं और महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की खरीदारी कर रहे हैं।
एनआरएलएम चंबा के जिला कार्यक्रम प्रबंधक राकेश भाटिया ने बताया कि जिला विकास कार्यालय की ओर से उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल के निर्देशानुसार मिंजर मेले में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए यह विशेष व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि इन स्टॉलों पर महिलाओं द्वारा तैयार किए गए कई आकर्षक उत्पाद उपलब्ध हैं। इनमें प्रसिद्ध चंबा चप्पल, पारंपरिक चंबा अचार, हाथ से तैयार क्रोशिया के सामान, ऊनी उत्पाद, सजावटी फूल और अन्य हस्तनिर्मित वस्तुएं शामिल हैं।
राकेश भाटिया ने कहा कि आज महिलाएं स्वयं को हर क्षेत्र में सक्षम साबित कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से वे न केवल अपनी आजीविका के साधन तैयार कर रही हैं, बल्कि चंबा की समृद्ध संस्कृति और पारंपरिक कला को भी आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं।
उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे मिंजर मेले में लगाए गए इन स्टॉलों का दौरा करें और महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को खरीदकर उनका उत्साह बढ़ाएं।
उन्होंने कहा कि लोगों के सुझावों के आधार पर इन प्रयासों को और बेहतर बनाया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि मेहनती महिलाओं को लगातार सहयोग और बेहतर अवसर उपलब्ध करवाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।
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