हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सड़क पर एंटी स्नेक वेनम के तीन डिब्बे मिलने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। एंटी स्नेक वेनम का इस्तेमाल अस्पतालों में सर्पदंश के इलाज के लिए किया जाता है। दवाइयों के सड़क पर मिलने को विभागीय स्तर पर गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, स्थानीय व्यक्ति रंगारंग सिंह को करीब एक माह पहले मलौरी टनल के पास सड़क पर एंटी स्नेक वेनम के तीन डिब्बे मिले थे। उन्होंने इस संबंध में उस समय भी स्वास्थ्य विभाग को अवगत करवाया था। आरोप है कि उस समय विभाग की ओर से मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।
अब मामला प्रमुखता से सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरिंदम को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि एंटी स्नेक वेनम के ये डिब्बे किसे जारी किए गए थे और आखिरकार ये सड़क पर कैसे पहुंचे।
रंगारंग सिंह ने मिले हुए एंटी स्नेक वेनम के तीनों डिब्बे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक चौहान को सौंप दिए हैं। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक चौहान ने दवाइयों को सुरक्षित रखने और उन्हें विभाग को सौंपने के लिए रंगारंग सिंह का आभार जताया है। स्वास्थ्य विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दवाइयां किस अस्पताल या स्वास्थ्य संस्थान के लिए जारी की गई थीं और सड़क पर पहुंचने की पूरी वजह क्या रही।
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