श्री राधा-कृष्ण के दरबार में नतमस्तक हुए राज्यपाल और सांसद, सनातन संस्कृति व धार्मिक मूल्यों से भावी पीढ़ी को जोड़ने का किया आह्वान
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर कोटला कलां स्थित राधा कृष्ण मंदिर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर में आयोजित भव्य जन्माष्टमी कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कवेंद्र गुप्ता और हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर ने शिरकत की और राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर पहुंचने पर राज्यपाल और सांसद ने भगवान श्री राधा-कृष्ण के समक्ष नतमस्तक होकर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरा परिसर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंजता रहा।
अनुराग ठाकुर बोले- संतों का आशीर्वाद जीवन को नई दिशा देता है
सांसद अनुराग ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राधा कृष्ण मंदिर पहुंचना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि उनका यहां पहुंचने का कार्यक्रम पहले से निर्धारित नहीं था, लेकिन राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज के प्रति श्रद्धा और प्रेम उन्हें यहां खींच लाया।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि धर्म और आस्था में विश्वास रखने वाले व्यक्ति को संतों के दर्शन के लिए किसी औपचारिक निमंत्रण की आवश्यकता नहीं होती। जहां प्रभु और संतों के दर्शन का अवसर मिलता है, वहां पहुंचने की इच्छा अपने आप पैदा हो जाती है। उन्होंने कहा कि संतों का सानिध्य और उनका आशीर्वाद व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देने वाला होता है।
उन्होंने राज्यपाल कवेंद्र गुप्ता की मौजूदगी का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने भी बिना किसी औपचारिकता के संतों के दर्शन और जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर मंदिर आने के आग्रह को स्वीकार किया।
अनुराग ठाकुर ने बताया कि इसके बाद उन्हें आईआईआईटी के दीक्षांत समारोह में भी शामिल होना है, जहां विद्यार्थी उनका इंतजार कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने जन्माष्टमी पर बाबा बाल जी महाराज का आशीर्वाद लेने और श्रद्धालुओं के बीच पहुंचने का अवसर नहीं छोड़ा।
अंत में अनुराग ठाकुर ने ‘हरे कृष्णा’ के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और मंदिर समिति तथा बाबा बाल जी महाराज का कार्यक्रम के लिए धन्यवाद किया।
राज्यपाल ने सनातन संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़ने का किया आह्वान
राज्यपाल कवेंद्र गुप्ता ने कहा कि भारतीय और सनातन परंपरा में संत-महात्माओं का विशेष स्थान रहा है। संत समाज को सही दिशा देने के साथ-साथ मानव जीवन में संस्कारों का संचार करने का कार्य करते हैं। ऐसे संतों का आशीर्वाद प्राप्त होना प्रत्येक व्यक्ति के लिए सौभाग्य की बात है।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को अपनी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सनातन धर्म के मूल्यों से आने वाली पीढ़ी को परिचित करवाने को समाज की जिम्मेदारी बताया।
अपने बचपन की यादें साझा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पहले घरों में माता-पिता और दादी-नानी बच्चों को धार्मिक एवं प्रेरणादायक कहानियां सुनाया करते थे। इससे बच्चों में संस्कार और धर्म के प्रति आस्था पैदा होती थी। उन्होंने गीता प्रेस गोरखपुर से प्रकाशित धार्मिक पुस्तकों का उल्लेख करते हुए बच्चों को धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करवाने पर जोर दिया।
भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान
राज्यपाल कवेंद्र गुप्ता ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने अधर्म और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करते हुए धर्म की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि आज भी समाज को अधर्म और अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर मजबूती से खड़ा होना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि धर्म और सत्य की रक्षा के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। जन्माष्टमी जैसे पर्व हमारी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए और मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
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