मौसम ने दिया साथ तो फसल हुई बेहतर, शुरुआती दौर में नहीं मिला उचित दाम; अब भाव में सुधार से किसानों को राहत की उम्मीद
हिमाचल प्रदेश का सोलन जिला टमाटर उत्पादन के लिए देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है। यहां के टमाटर को ‘रेड गोल्ड’ के नाम से भी जाना जाता है। इस सीजन में किसानों को मौसम का साथ मिला और टमाटर की पैदावार अच्छी रही, लेकिन शुरुआती दौर में अपेक्षित मंडी भाव नहीं मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई।
हालांकि पिछले कुछ दिनों में दाम में सुधार आने से किसानों को कुछ राहत मिली है।
घलाना गांव के किसान अमित ठाकुर के अनुसार इस बार मौसम किसानों के लिए अनुकूल रहा। बारिश कम होने के कारण टमाटर की फसल को नुकसान कम हुआ और उत्पादन बेहतर रहा। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर सोलन में टमाटर का सीजन 15 अगस्त के बाद शुरू होता है, लेकिन इस बार किसानों ने करीब 20 दिन पहले ही अपनी फसल मंडियों में पहुंचानी शुरू कर दी थी।
अच्छी पैदावार के बावजूद शुरुआती दौर में नहीं मिला उचित भाव
अमित ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष टमाटर की फसल अच्छी रही, लेकिन सीजन के शुरुआती दौर में किसानों को उचित दाम नहीं मिल पाए। उन्होंने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। बीज, खाद, स्प्रे और अन्य कृषि सामग्री पर खर्च बढ़ने के कारण किसानों के लिए लागत निकालना भी चुनौती बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब फसल का उचित मूल्य नहीं मिलता तो अच्छी पैदावार के बावजूद किसानों के लिए मुनाफा कमाना मुश्किल हो जाता है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में टमाटर के दाम में सुधार आया है, जिससे किसानों को थोड़ी राहत मिली है।
कम बारिश से फसल को हुआ फायदा
किसान के अनुसार इस बार कम बारिश का एक फायदा यह हुआ कि खेतों में टमाटर की फसल को नुकसान कम हुआ। लगातार बारिश नहीं होने से फसल अपेक्षाकृत बेहतर रही और उत्पादन भी अच्छा हुआ।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि आने वाले दिनों में मौसम अनुकूल रहता है और बारिश नियंत्रित रहती है तो दिवाली तक मंडियों में अच्छी गुणवत्ता वाला टमाटर पहुंचता रहेगा। खासतौर पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों से आने वाली टमाटर की फसल की गुणवत्ता बेहतर रहने की उम्मीद है।
500 से 600 क्रेट टमाटर मंडी पहुंचा
अमित ठाकुर ने बताया कि अब तक उनके खेतों से करीब 500 से 600 क्रेट टमाटर मंडी पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में इससे अधिक टमाटर मंडियों में पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यदि मौसम ने साथ दिया तो इस सीजन में उत्पादन अच्छा रहने की संभावना है।
सोलन के टमाटर की देशभर में मांग रहती है। ऐसे में किसानों के लिए सिर्फ उत्पादन अच्छा होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मंडियों में मिलने वाला भाव भी बेहद महत्वपूर्ण है। किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ रही खेती की लागत के बीच फसल का उचित मूल्य मिलना जरूरी है।
मंडी भाव पर टिकी किसानों की नजर
किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में टमाटर के मंडी भाव में और सुधार हो सकता है। अमित ठाकुर के अनुसार फिलहाल मौसम ठीक रहा और बारिश ने ज्यादा परेशान नहीं किया तो दिवाली तक टमाटर की अच्छी आवक बनी रह सकती है।
इस बार अच्छी पैदावार के बावजूद किसानों की सबसे बड़ी चिंता बढ़ती खेती लागत और टमाटर के भाव में होने वाला उतार-चढ़ाव है। अब किसानों की नजर आने वाले दिनों के मंडी भाव पर टिकी हुई है।
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