हिमाचल में टूरिस्ट वाहनों को बड़ी राहत, एआईटीपी परमिट वाले वाहनों की परिचालन आयु 12 से बढ़ाकर 15 वर्ष

हिमाचल में टूरिस्ट वाहनों को बड़ी राहत, एआईटीपी परमिट वाले वाहनों की परिचालन आयु 12 से बढ़ाकर 15 वर्ष
हिमाचल में टूरिस्ट वाहनों को बड़ी राहत, एआईटीपी परमिट वाले वाहनों की परिचालन आयु 12 से बढ़ाकर 15 वर्ष

Published:

सरकार ने जारी की नई एसओपी, पुराने नियमों से बंद हुए वाहनों को शर्तों के साथ दोबारा मिलेगा संचालन का मौका

हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े वाहन मालिकों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने अखिल भारतीय पर्यटन परमिट (एआईटीपी) वाले वाहनों की अधिकतम परिचालन आयु 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी है। इस फैसले से उन टूरिस्ट वाहन संचालकों को लाभ मिलेगा, जिनके वाहन 12 वर्ष पूरे होने के बाद पुराने नियमों के चलते सड़क से हट गए थे।

परिवहन निदेशालय ने सोमवार को संशोधित नियमों को लागू करते हुए अधिसूचना के साथ मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसके तहत सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (आरटीओ) और प्रवर्तन अधिकारियों को नए प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अप्रैल 2026 से लागू हुआ संशोधन

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 13 फरवरी 2026 को अखिल भारतीय पर्यटन परमिट नियम 2023 में संशोधन करते हुए टूरिस्ट वाहनों की अधिकतम परिचालन आयु 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी थी। यह संशोधन अप्रैल 2026 से प्रभावी हुआ।

संशोधन के बाद यह सवाल उठ रहा था कि पहली अप्रैल 2026 के बाद 12 वर्ष पूरे कर चुके लेकिन पुराने नियमों के कारण बंद हुए वाहनों को इस नई व्यवस्था का लाभ मिलेगा या नहीं।

विधि विभाग की राय के बाद लिया फैसला

इस मामले में हिमाचल सरकार ने विधि विभाग से कानूनी राय मांगी थी। विधि विभाग ने स्पष्ट किया कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो पुराने नियमों के कारण बंद हुए वाहनों को संशोधित नियमों का लाभ देने से रोकता हो।

इसके बाद सरकार ने निर्णय लिया कि पहली अप्रैल 2026 के बाद 12 वर्ष पूरे कर चुके लेकिन 15 वर्ष से कम आयु वाले एआईटीपी वाहनों को भी निर्धारित शर्तों के तहत दोबारा संचालन की अनुमति दी जाएगी।

वाहन मालिकों को पूरी करनी होंगी जरूरी शर्तें

सरकार ने स्पष्ट किया है कि वाहन मालिकों को संचालन शुरू करने से पहले सभी लंबित देनदारियां जमा करनी होंगी। इनमें मोटर वाहन कर, सरकारी बकाया और अन्य शुल्क शामिल हैं।

यदि वाहन पर कोई जुर्माना लंबित है तो उसका भुगतान भी अनिवार्य होगा। इसके साथ ही वाहन का वैध फिटनेस प्रमाणपत्र होना जरूरी रहेगा।

सरकार ने कहा है कि यह राहत केवल निर्धारित नियमों के तहत दी जाएगी और सड़क सुरक्षा, तकनीकी मानकों तथा कानूनी प्रावधानों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

एसओपी में शामिल प्रमुख प्रावधान

पर्यटन कारोबार को मिलेगा फायदा

सरकार के इस फैसले से हिमाचल के पर्यटन क्षेत्र में जुड़े टैक्सी ऑपरेटरों और टूरिस्ट वाहन मालिकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। पुराने लेकिन फिट वाहनों को दोबारा सड़क पर उतारने का मौका मिलने से पर्यटन सीजन में परिवहन सुविधा भी मजबूत होगी।

follow us on facebook
subscribe to us on youtube

इस खबर के विषय

संबंधित खबरें

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

पशु चिकित्सालय घवांडल में आयोजित पशु जन्म नियंत्रण शिविर में 15 श्वानों की सफल शल्य चिकित्सा की गई। इनमें 7 मादा और 8 नर कुत्ते शामिल रहे। शिविर का उद्देश्य ...

पूरा पढ़ें (Read More) →
करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

बिलासपुर के श्री नयना देवी जी क्षेत्र के भटेड गांव में करंट लगने से जान गंवाने वाले गुरमेल सिंह के परिवार ने प्रशासन पर सुध न लेने का आरोप लगाया है। परिवार क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

हिमाचल को चिट्टे के नशे से मुक्त बनाने के उद्देश्य से 13 नवंबर को मंडी में एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू...

पूरा पढ़ें (Read More) →
बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बीबीएमबी में हिमाचल की हिस्सेदारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस कानूनी लड़ाई क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने BBMB मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल की बड़ी जीत बताया है। उनके अनुसार प्रदेश को 11,975 मिलियन यूनिट बिजली की बका...

पूरा पढ़ें (Read More) →

इससे पहले और बाद की खबरें