प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं और मीडिया कर्मियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के माध्यम से सरकार ने युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर युवाओं से संवाद करने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया।
नीट पेपर लीक मामले में मांगी जवाबदेही
संदीप सांख्यान ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार को जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और युवाओं के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
सरकार पर लगाए तानाशाही के आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर की घटना सरकार की निरंकुश सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि युवा केवल अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे और उनका उद्देश्य सरकार गिराना नहीं था।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और सवाल उठाने का अधिकार सभी नागरिकों को है।
पुराने उदाहरण देकर नैतिक जिम्मेदारी का मुद्दा उठाया
संदीप सांख्यान ने कहा कि पहले राजनीतिक जीवन में नैतिक जिम्मेदारी को महत्व दिया जाता था। उन्होंने कई पूर्व मंत्रियों के इस्तीफों का उदाहरण देते हुए कहा कि आरोप लगने पर नेताओं ने नैतिक आधार पर पद छोड़े थे।
उन्होंने कहा कि:
ए. राजा ने टूजी स्पेक्ट्रम मामले में नाम आने के बाद नवंबर 2010 में संचार मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
अशोक चव्हाण ने आदर्श हाउसिंग सोसाइटी मामले के बाद नवंबर 2010 में महाराष्ट्र मुख्यमंत्री पद छोड़ा था।
दयानिधि मारन ने टेलीकॉम लाइसेंस और एयरसेल-मैक्सिस मामले में जुलाई 2011 में केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
पवन कुमार बंसल ने रेलवे बोर्ड नियुक्ति रिश्वत मामले में नाम आने के बाद मई 2013 में रेल मंत्री पद छोड़ा था।
अश्वनी कुमार ने कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़ी सीबीआई रिपोर्ट विवाद के बाद मई 2013 में कानून मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, सुरेश कलमाड़ी और नटवर सिंह जैसे नेताओं को भी नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर पद छोड़ने पड़े थे।
जनता जवाब देना जानती है: संदीप सांख्यान
कांग्रेस नेता ने कहा कि वर्तमान समय में राजनीतिक जवाबदेही के मायने बदल गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सवाल पूछने वालों को अलग-अलग तरह के आरोपों से निशाना बनाया जाता है।
उन्होंने नीट पेपर लीक, राम मंदिर चंदा विवाद, ऑपरेशन सिंदूर, पुलवामा और पहलगाम हमले जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई मामलों में अभी भी जवाब मांगे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब समय जनता को जवाब देने का है और लोकतंत्र में जनता अपने तरीके से जवाब देना जानती है।
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