कैबिनेट ने मेडिकल शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, ई-टैक्सी योजना, अस्पतालों के उपकरण, पंचायत चौकीदारों और विकास परियोजनाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में स्वास्थ्य, मेडिकल शिक्षा, ग्रामीण विकास, सड़क सुरक्षा और रोजगार से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के लिए नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) बहाल करने, पोस्ट ग्रेजुएट (PG) मेडिकल छात्रों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी,
नए मेडिकल कोर्स शुरू करने और पंचायत चौकीदारों को दैनिक वेतनभोगी बनाने सहित कई अहम निर्णय लिए।
सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को मिलेगा NPA
कैबिनेट ने मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग में कार्यरत मान्यता प्राप्त DM, MCh और DrNB योग्यता वाले सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) देने को मंजूरी दी।
PG मेडिकल छात्रों का स्टाइपेंड बढ़ा
मेडिकल शिक्षा विभाग के तहत पढ़ाई कर रहे पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के मासिक स्टाइपेंड में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।
प्रथम वर्ष: 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये
द्वितीय वर्ष: 45,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये
तृतीय वर्ष: 50,000 रुपये से बढ़ाकर 65,000 रुपये
कैबिनेट ने आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा में बीएससी मेडिकल टेक्नोलॉजी (रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट) और बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू करने को मंजूरी दी। दोनों संस्थानों में प्रत्येक कोर्स के लिए प्रतिवर्ष 30-30 सीटें निर्धारित की गई हैं।
पीजी/सुपर स्पेशलिटी नीति में संशोधन
मंत्रिमंडल ने पीजी और सुपर स्पेशलिटी नीति में संशोधन करते हुए यह प्रावधान किया कि पीजी के बाद सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना या आईजीएमसी को छोड़कर अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में रेडियोडायग्नोसिस विशेषज्ञ के रूप में सेवा देने वाले चिकित्सकों को अनिवार्य फील्ड पोस्टिंग से छूट मिलेगी।
सड़क सुरक्षा के लिए नई नीति
प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा ऑडिट नीति को मंजूरी दी गई है। इसके तहत दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जाएंगे और आवश्यक सुधार कार्य किए जाएंगे।
अस्पतालों के लिए आधुनिक उपकरणों की खरीद
कैबिनेट ने टांडा मेडिकल कॉलेज, मंडी मेडिकल कॉलेज, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना, सिविल अस्पताल घवांडल और अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी चमियाना में बन रहे पांच क्रिटिकल केयर ब्लॉकों के लिए आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद और आपूर्ति को मंजूरी दी।
31 अगस्त 2022 से 31 मार्च 2026 के बीच 12 वर्ष या उससे अधिक की निरंतर सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक पंचायत चौकीदारों को अब निश्चित मासिक मानदेय के स्थान पर दैनिक वेतनभोगी के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
ई-टैक्सी योजना में आयु सीमा बढ़ी
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के ई-टैक्सी घटक के तहत अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष कर दी गई है। न्यूनतम आयु सीमा 23 वर्ष यथावत रहेगी।
विकासनगर में बनेगा वाणिज्यिक परिसर
प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (HIMUDA) को पीपीपी मॉडल के तहत शिमला के विकासनगर में बहुउद्देशीय वाणिज्यिक परिसर विकसित करने की मंजूरी दी गई।
आयुष चिकित्सा कार्यालय का होगा उन्नयन
कांगड़ा जिले के रैत स्थित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र को उपमंडल स्तर के आयुष चिकित्सा कार्यालय में अपग्रेड करने को भी मंजूरी दी गई।
स्वास्थ्य संस्थानों को अतिरिक्त अधिकार
रोगी कल्याण समितियों को नैदानिक जांच और अन्य चिकित्सीय सेवाओं से प्राप्त आय का 50 प्रतिशत हिस्सा अस्पतालों की स्वच्छता व्यवस्था और आवश्यक रसायनों (रिएजेंट्स) की खरीद पर खर्च करने की अनुमति दी गई है।
मछुआरों और जल शक्ति विभाग के लिए फैसले
वर्ष 2026-27 में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से 70 प्रतिशत अनुदान पर मछली पकड़ने वाली नौकाओं की खरीद को मंजूरी।
जल शक्ति विभाग की पेयजल, सिंचाई और सीवरेज पंपिंग योजनाओं में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए एनर्जी सर्विस कंपनी (ESCO) मॉडल अपनाने का निर्णय।
सेब, आम और नींबू के MSP में कोई बदलाव नहीं
मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब और आम का न्यूनतम समर्थन मूल्य 12 रुपये प्रति किलो तथा नींबू वर्ग के फलों का 10 रुपये प्रति किलो पूर्ववत रहेगा।
मानसून सत्र 15 अगस्त के बाद
कैबिनेट बैठक में विधानसभा के मानसून सत्र पर भी चर्चा हुई। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि सत्र 15 या 20 अगस्त के बाद आयोजित किया जा सकता है। अंतिम तिथियों का निर्णय बाद में लिया जाएगा।
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