करीब तीन महीने बाद दोबारा शुरू हुई ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था, अस्पताल प्रशासन ने कहा- मरीजों को ऑक्सीजन की नहीं होगी कोई कमी।
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में करीब तीन महीने से बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट दोबारा शुरू कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन प्लांट का संचालन करने वाली एजेंसी का अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) 31 मार्च 2027 तक के लिए नवीनीकृत कर दिया है। इसके साथ ही अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति फिर से सुचारू हो गई है।
अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (एमएस) डॉ. राकेश पंवार ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट के दोबारा शुरू होने से मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल अतिरिक्त ऑक्सीजन बाहर से भी मंगवा सकता है, ताकि उपचार प्रभावित न हो।
पहले हर 10-11 दिन में मंगाने पड़ते थे सिलेंडर
डॉ. पंवार ने बताया कि पहले अस्पताल को हर 10 से 11 दिन के अंतराल पर बद्दी से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाने पड़ते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऑक्सीजन आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और सुचारू ढंग से संचालित की जा सकेगी।
अस्पताल में फिलहाल नहीं है सिलेंडर रीफिल की सुविधा
एमएस के अनुसार वर्तमान व्यवस्था में अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडरों को सीधे रीफिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए विशेष रेगुलेटर और अन्य तकनीकी उपकरणों की आवश्यकता होती है, जिनकी मदद से सिलेंडर भरे जाते हैं।
उन्होंने बताया कि ऐसे उपकरण इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), शिमला में उपलब्ध हैं और वहां यह सुविधा संचालित है। सोलन अस्पताल के लिए भी इसी प्रकार का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन वह बीच में लंबित रह गया।
भविष्य में अस्पताल में ही विकसित हो सकती है रीफिल सुविधा
डॉ. पंवार ने कहा कि यदि भविष्य में आवश्यक उपकरण उपलब्ध हो जाते हैं तो क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में ही ऑक्सीजन सिलेंडर रीफिल करने की सुविधा विकसित की जा सकती है। इससे बाहरी आपूर्ति पर निर्भरता और कम होगी तथा आपात स्थिति में ऑक्सीजन प्रबंधन और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता है और मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी।
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