फतेहपुर (कांगड़ा)।
कभी हिमाचल प्रदेश पुलिस की वर्दी पहनकर सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले पट्टा जाटियां (फतेहपुर) के रितेश अब भारतीय सेना में अफसर की वर्दी में देश सेवा करेंगे। विकास ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और अटूट हौसले के बल पर ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), चेन्नई से पास आउट होकर भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट स्थायी कमीशन हासिल किया है। 5 सितंबर 2026 को आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद जैसे ही उनके कंधों पर लेफ्टिनेंट के सितारे सजे, न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा क्षेत्र गर्व से झूम उठा।
रितेश ने वर्ष 2022 से 2025 तक हिमाचल पुलिस में बतौर कांस्टेबल अपनी सेवाएं दीं। पुलिस की कठिन ड्यूटी और जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी बनने के अपने सपने को ओझल नहीं होने दिया।
उन्होंने नौकरी के साथ-साथ अपनी तैयारी जारी रखी और सितंबर 2024 में 'कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज' (CDS) की परीक्षा में सफलता हासिल की। पढ़ाई में शुरुआत से ही मेधावी रहे विकास ने 10वीं की परीक्षा 10 CGPA के साथ, 12वीं (नॉन-मेडिकल) 90% अंकों के साथ तथा 2022 में वजीर राम सिंह कॉलेज देहरी से बीएससी 80% अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी।
गैर-सैन्य पृष्ठभूमि वाले एक सामान्य परिवार से निकलकर इस मुकाम तक पहुँचना विकास की लगन को दर्शाता है। उनके पिता विभीषण सिंह एक निजी संस्थान में कार्यरत हैं तथा माता मीनू गृहिणी हैं, जबकि उनकी छोटी बहन दीक्षा एमएससी कर रही हैं।
विकास ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, चचेरी बहन आंचल गुलेरिया, शिक्षकों और अपनी कड़ी मेहनत को दिया है। एक पूर्व पुलिस सिपाही से भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने का उनका यह सफर देश भर के उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो विषम परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।