शिमला।
हिमाचल प्रदेश में चुनावी तैयारियों के तहत मतदाता सूचियों के अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया पूरे जोर-शोर से जारी है। राज्य निर्वाचन आयोग का मुख्य ध्यान सूचियों में मौजूद किसी भी प्रकार की त्रुटि को दूर करने पर है, ताकि मतदान के दिन किसी भी पात्र नागरिक को असुविधा न हो।
इसके साथ ही, चुनाव को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की चुनावी ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और जल्द ही कर्मियों की अंतिम सूची तैयार कर ली जाएगी।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षकों ने सुरक्षा खाका तैयार कर लिया है। सुरक्षा रणनीति के तहत संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की विस्तृत मैपिंग की जाएगी, ताकि वहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की जा सके।
इसके अलावा, पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनावों के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत के त्वरित निवारण के लिए विशेष 'शिकायत कक्ष' स्थापित किए जाएंगे।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होते ही नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं, लोकतंत्र में सबकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को विशेष राहत दी गई है। ये बुजुर्ग मतदाता मतदान केंद्रों पर अपने परिजनों के सहयोग से अपना वोट डाल सकेंगे, जिससे उनकी मतदान प्रक्रिया सुलभ हो सकेगी।
हिमाचल प्रदेश के चार प्रमुख नगर निगमों (मंडी, सोलन, धर्मशाला और पालमपुर) सहित कुल 53 शहरी निकायों में चुनाव की प्रक्रिया पंचायतीराज संस्थाओं के साथ ही आयोजित की जाएगी।
शहरी क्षेत्रों में आधुनिकता और पारदर्शिता को देखते हुए मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए कराया जाएगा। इस चुनावी प्रतिस्पर्धा के बीच प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना है।
हिमाचल में अब नए वोट बनाने की प्रक्रिया पर विराम लग गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 1 अप्रैल तक पात्र युवाओं को आवेदन का अवसर दिया था, लेकिन समय की कमी के कारण केवल 20 अप्रैल तक प्राप्त अपीलों पर ही सुनवाई की जाएगी।
24 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची सार्वजनिक कर दी जाएगी। आंकड़ों के अनुसार, इस बार प्रदेश में लगभग 20 हजार नए मतदाता जुड़ने की संभावना है, जिससे मतदाताओं की कुल संख्या 55.39 लाख तक पहुंच सकती है। वर्तमान में जिला निर्वाचन अधिकारी प्राप्त आवेदनों की गहन जांच कर रहे हैं और त्रुटियों को सुधारने के लिए आवेदकों से सीधा संपर्क किया जा रहा है।